अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ दीर्घकालिक रणनीति अपनाने का संकेत दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबी अवधि की नाकेबंदी की योजना पर विचार कर रहा है, जिससे ईरान की समुद्री व्यापार गतिविधियों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
इस योजना को अल्पकालिक उपायों से हटकर एक स्थायी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है, ताकि उसके प्रमुख बंदरगाहों से जुड़े व्यापारिक मार्ग बाधित किए जा सकें। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है, ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की नाकेबंदी का व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें पहले समुद्री गतिविधियों पर लगे प्रतिबंधों को हटाने और सामान्य व्यापार बहाल करने की बात कही गई है। इसके बाद परमाणु मुद्दे समेत अन्य विषयों पर बातचीत करने का सुझाव दिया गया है। हालांकि, अमेरिका फिलहाल इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं दिख रहा है।
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इस बीच, ट्रंप ने ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय के साथ मुलाकात के दौरान भी ईरान मुद्दे को उठाया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को सैन्य रूप से कमजोर किया है और यह भी कहा कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान इस समय “ढहने की स्थिति” में है और उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द खोलने का अनुरोध किया है। उनके अनुसार, ईरान के अंदर नेतृत्व को लेकर मतभेद भी सामने आ रहे हैं, जो भविष्य में बातचीत को प्रभावित कर सकते हैं।
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