अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान इस समय गंभीर आंतरिक संकट का सामना कर रहा है और उसने अमेरिका से होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द खोलने की इच्छा जताई है। ट्रंप ने कहा कि ईरान “गिरावट की स्थिति” में है और अपनी नेतृत्व व्यवस्था को लेकर असमंजस में है।
हालांकि, ट्रंप के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही ईरान की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। व्हाइट हाउस ने भी इस बयान पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है, जिससे इस दावे को लेकर स्थिति और अस्पष्ट बनी हुई है।
इस बीच, खबर है कि ट्रंप ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ बैठक कर ईरान के प्रस्ताव पर चर्चा की। यह प्रस्ताव होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने से जुड़ा है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल का परिवहन इसी रास्ते से होता है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है।
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया कि ईरान समझौते को लेकर गंभीर है, लेकिन वह समय हासिल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान के भीतर अलग-अलग गुटों के बीच मतभेद भी शांति वार्ता को प्रभावित कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और भू-राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है। फिलहाल स्थिति अनिश्चित बनी हुई है और आने वाले दिनों में इस पर और स्पष्टता आने की उम्मीद है।
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