अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर उड़ रहे मरीन वन हेलीकॉप्टर और एक यात्री विमान के बीच इस सप्ताह वॉशिंगटन के ऊपर बेहद कम दूरी रह जाने की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति की सुरक्षा से किसी भी समय समझौता नहीं हुआ और टक्कर का तत्काल कोई खतरा नहीं था।
रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना मंगलवार दोपहर हुई, जब राष्ट्रपति ट्रंप का मरीन वन हेलीकॉप्टर और एक वाणिज्यिक यात्री विमान हवा में एक-दूसरे से एक मील से भी कम दूरी पर आ गए। बताया गया कि यात्री विमान उड़ान में देरी के बाद अपने निर्धारित मार्ग पर था, जबकि मरीन वन भी उसी हवाई क्षेत्र से गुजर रहा था।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित थे। उन्होंने कहा, "मरीन वन का संचालन दुनिया के सबसे अनुभवी और कुशल पायलट करते हैं। किसी भी समय राष्ट्रपति किसी खतरे में नहीं थे।"
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एफएए ने पुष्टि की कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है। एजेंसी के अनुसार, रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट का एयर ट्रैफिक कंट्रोलर घटना के दौरान मरीन वन और वाणिज्यिक विमान दोनों के पायलटों के साथ लगातार संपर्क में था। फिलहाल एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, विमानन सुरक्षा नियमों के अनुसार दो विमानों के बीच कम से कम 1.5 मील की क्षैतिज दूरी और 500 फीट की ऊर्ध्वाधर दूरी बनाए रखना आवश्यक होता है। घटना में शामिल यात्री विमान अमेरिकन एयरलाइंस की सहायक कंपनी एनवॉय एयर द्वारा संचालित एम्ब्रेयर ई-170 था।
बताया गया कि मरीन वन एंड्रयूज़ एयर फ़ोर्स बेस की ओर जा रहा था, जहां से राष्ट्रपति ट्रंप ने एयर फ़ोर्स वन में सवार होकर कैलिफ़ोर्निया के लिए उड़ान भरी। उल्लेखनीय है कि जनवरी 2025 में वॉशिंगटन में एक यात्री विमान और सेना के ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर की टक्कर में 67 लोगों की मौत के बाद एफएए ने राजधानी क्षेत्र के हवाई यातायात नियम और अधिक सख्त कर दिए थे।
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