प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिपरिषद 23 और 24 सितंबर को दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ में शामिल होगी। इस दौरान ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस शिविर का मुख्य फोकस भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए आगे की रणनीति और प्राथमिकताओं पर रहेगा।
दो दिनों तक चलने वाले इस चिंतन शिविर में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। मंत्रिपरिषद के सदस्य सरकार की मौजूदा योजनाओं, विकास की प्राथमिकताओं और भविष्य की नीतियों को लेकर विचार साझा करेंगे। साथ ही, ‘विकसित भारत’ के दीर्घकालिक लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों की दिशा पर भी मंथन किया जाएगा।
‘विकसित भारत@2047’ केंद्र सरकार का एक दीर्घकालिक विजन है, जिसका उद्देश्य स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। इसके तहत आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, सुशासन, नवाचार और देश की समग्र क्षमता को मजबूत करने जैसे व्यापक लक्ष्यों पर जोर दिया जाता है।
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सरकारी सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में आने वाले वर्षों के लिए सरकार के दृष्टिकोण और प्राथमिकताओं पर विचार किया जाएगा। दो दिवसीय कार्यक्रम को सरकार के दीर्घकालिक विकास एजेंडे के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चिंतन शिविर के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा के साथ मंत्रिपरिषद के बीच समन्वय और नीतिगत दृष्टिकोण को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जा सकता है। हालांकि, शिविर के विस्तृत एजेंडे को लेकर आधिकारिक स्तर पर अभी अधिक जानकारी सामने नहीं आई है।
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