अमेरिका और ईरान के बीच तीन महीने से अधिक समय से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए प्रस्तावित शांति समझौते को लेकर अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दोनों देशों ने संकेत दिए हैं कि समझौता लगभग अंतिम चरण में है, लेकिन इसके हस्ताक्षर की तारीख को लेकर विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता सप्ताहांत में संपन्न हो सकता है। बाद में उन्होंने दावा किया कि समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे।
इसके बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी बातचीत में प्रगति की पुष्टि की, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि यदि ईरान की प्रमुख मांगें पूरी नहीं हुईं तो इस्लामी गणराज्य समझौते से पीछे हट सकता है।
और पढ़ें: पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर छात्रों का हंगामा, ट्रेन लेट होने पर पथराव; आईजी समेत कई पुलिसकर्मी घायल
हालांकि ईरान ने स्पष्ट कर दिया कि समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर नहीं होंगे। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि समझौते की सही तारीख को लेकर अभी इंतजार करना होगा और रविवार को हस्ताक्षर होने की संभावना नहीं है। हालांकि आने वाले दिनों में ऐसा होने से इनकार भी नहीं किया जा सकता।
दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप अपने दावे पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे और इसके तुरंत बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य सभी के लिए खोल दिया जाएगा।
मीडिया रिपोर्टों में भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। एक्सियोस और सीबीएस ने कहा कि समझौते पर जिनेवा में हस्ताक्षर हो सकते हैं, जबकि ईरान का कहना है कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पूरी की जाएगी।
इस बीच पाकिस्तान, जो वार्ता में प्रमुख मध्यस्थों में शामिल है, के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि अगले 24 घंटों में समझौता अंतिम रूप ले सकता है और उसके बाद इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर किए जाएंगे।
फिलहाल ईरान की अंतिम पुष्टि का इंतजार है और तब तक इस समझौते को लेकर अनिश्चितता बनी रहने की संभावना है।
और पढ़ें: गोविंदपुरी अग्निकांड में बड़ा खुलासा: सीसीटीवी में दिखी नकाबपोश महिला, पुलिस ने बताया सुनियोजित आगजनी