उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज (यूपीईएस), बिधोली में आयोजित उत्तराखंड जजेस एसोसिएशन के वार्षिक सम्मेलन “ज्यूडिशियम 2.0: समावेशन, न्याय तक पहुंच और सशक्तिकरण” में भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न्यायिक प्रणाली को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और सुलभ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है और इसके सशक्तिकरण से आम नागरिकों का विश्वास और मजबूत होता है।
कार्यक्रम में राज्य के कई न्यायिक अधिकारी, विधि विशेषज्ञ और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सम्मेलन का उद्देश्य न्याय व्यवस्था में समावेशन बढ़ाना, न्याय तक पहुंच को आसान बनाना और प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना बताया गया।
और पढ़ें: उत्तराखंड: हल्द्वानी में सोशल मीडिया मंथन कार्यक्रम में युवाओं से जुड़े मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड सरकार न्यायिक संस्थानों के आधुनिकीकरण और डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में न्याय वितरण प्रणाली को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं।
सम्मेलन में विशेषज्ञों ने न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, तकनीक के उपयोग को बढ़ाने और आम लोगों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने पर विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सत्रों में न्याय व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
इस सम्मेलन को न्यायपालिका और प्रशासन के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में न्याय प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा।
और पढ़ें: उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुमेन्द्र सिंह बोहरा के परिवार से भेंट कर शोक जताया