हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से तेल के वैकल्पिक स्रोत तलाशने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने के बजाय सरकार को ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नए विकल्पों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मौजूदा संकट लगातार बना हुआ दिखाई दे रहा है और महंगाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति देश के सभी लोगों के लिए चिंता का विषय है। पेट्रोल, डीजल, कच्चे तेल, एलपीजी, प्राकृतिक गैस, कपड़ा और सीमेंट जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार-विमर्श करने की आवश्यकता है। यदि किसी एक स्रोत से पर्याप्त मात्रा में तेल उपलब्ध नहीं हो रहा है, तो सरकार को अन्य विकल्पों की तलाश करनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर रूस से भी तेल खरीदने जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है, ताकि देश में ऊर्जा आपूर्ति बनी रहे और कीमतों पर नियंत्रण रखा जा सके।
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विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बढ़ती महंगाई से आम लोगों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। परिवहन लागत बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी ऊपर जा रहे हैं, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब तबके को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य नागरिकों को राहत देना होना चाहिए। इसके लिए आवश्यक है कि ऊर्जा और ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस दिशा में जल्द ठोस निर्णय लेगी।
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