हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब में कथित फार्मेसी भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया। सैनी ने कहा कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को यह समस्या दिखाई तक नहीं दी।
रविवार को नायब सिंह सैनी ने केंद्र सरकार की ओर से प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल रोकने के लिए सख्त कानून लाने के कदम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार युवाओं के हितों को प्राथमिकता दे रही है और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए लगातार काम कर रही है।
सैनी ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करती हैं। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ न कर सके।
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हरियाणा मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले युवाओं को रोजगार और बेहतर व्यवस्था देने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन अब राज्य में परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार के प्रस्तावित कानून का जिक्र करते हुए कहा कि पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर कठोर कार्रवाई जरूरी है। इससे परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल होगा और मेहनत करने वाले छात्रों को न्याय मिलेगा।
गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। केंद्र सरकार ने परीक्षा सुधारों और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाने की बात कही है।
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