विश्वभारती विश्वविद्यालय कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआई) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने जा रहा है। विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने सोमवार (26 जनवरी 2026) को यह जानकारी दी। यह एमओयू 28 जनवरी को दोनों संस्थानों के बीच अध्ययन और शोध के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जाएगा।
इस समझौते के तहत शिक्षण, अनुसंधान, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और संयुक्त शैक्षणिक पहलों में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। एमओयू फिल्म, मीडिया, कला और मानविकी जैसे क्षेत्रों में अकादमिक और रचनात्मक गतिविधियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इसके माध्यम से छात्रों और शिक्षकों के बीच आदान-प्रदान, संयुक्त परियोजनाएं और साझा शैक्षणिक अनुभवों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
एसआरएफटीआई के रजिस्ट्रार दीपक कुमार ने कहा कि यह साझेदारी महान फिल्मकार सत्यजीत रे की सिनेमाई विरासत और गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित विश्वभारती की समग्र शैक्षणिक दृष्टि को एक साथ लाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस सहयोग का उद्देश्य सिनेमा, संस्कृति और कला के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देना है।
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उन्होंने आगे कहा कि यह एमओयू एक ऐसा अनूठा मंच तैयार करेगा, जहां सिनेमा, कला और अकादमिक जगत एक-दूसरे से गहराई से जुड़ सकेंगे। संस्थान को उम्मीद है कि इस समझौते को ठोस अवसरों में बदला जाएगा, जिससे छात्रों और शिक्षकों को निरंतर शैक्षणिक आदान-प्रदान और रचनात्मक सहभागिता का लाभ मिलेगा।
यह सहयोग भारतीय कला, संस्कृति और सिनेमा के अध्ययन को नई दिशा देने के साथ-साथ उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अंतर-विषयक संवाद को भी मजबूती प्रदान करेगा।
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