कर्नाटक पुलिस ने सोमवार को निलंबित कांग्रेस नेता राजीव गौड़ा को गिरफ्तार कर लिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने चिक्कबल्लापुर ज़िले के शिदलगट्टा नगर परिषद की आयुक्त को फोन पर गाली-गलौज की और धमकी दी। यह विवाद शहर में लगाए गए “अनधिकृत” बैनरों को हटाए जाने के बाद सामने आया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राजीव गौड़ा पहले अपनी कार से मंगलुरु गए थे और फिर वहां से केरल के लिए ट्रेन में सवार हुए। उनके व्यवहार को लेकर जब व्यापक नाराज़गी सामने आई, तब वे गोवा की ओर यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि अब उन्हें चिक्कबल्लापुर लाया जा रहा है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजीव गौड़ा के खिलाफ यह कार्रवाई नगर परिषद आयुक्त अमृता गौड़ा की शिकायत के आधार पर की गई है। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि 12 जनवरी को राजीव गौड़ा ने उन्हें फोन किया, अपशब्द कहे और तुरंत हटाए गए बैनरों को फिर से लगाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने नगर निकाय के कर्मचारियों को भी धमकाया।
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आयुक्त के अनुसार, राजीव गौड़ा ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी बात नहीं मानी गई तो वे कई वार्डों से लोगों को जुटाकर अशांति फैलाएंगे, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाएंगे और नगर परिषद के कामकाज को बाधित करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस फोन कॉल के कारण उन्हें और उनके कर्मचारियों को गंभीर मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।
इस घटना के बाद राजीव गौड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने राज्य की राजनीति में भी हलचल मचा दी है और प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
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