पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच फिलहाल राहत के संकेत मिले हैं। ईरान और अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन एक-दूसरे के खिलाफ कोई नई सैन्य कार्रवाई नहीं की, जिससे क्षेत्र में तनाव कुछ कम होता दिखाई दिया। इस घटनाक्रम के बाद एशियाई बाजारों में सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और निवेशकों ने भी राहत की सांस ली।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत माइक वाल्ट्ज़ ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप बातचीत के लिए कुछ समय देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है, लेकिन फिलहाल वार्ता की संभावनाओं को अवसर दिया जा रहा है। उनके इस बयान को दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
उधर, ईरान ने भी घोषणा की है कि उसने पश्चिम एशिया में अमेरिका के सहयोगी देशों पर किए जा रहे जवाबी हमलों को फिलहाल रोक दिया है। ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरामिनिया ने कहा कि अमेरिका ने पिछले दो दिनों से ईरान पर कोई हवाई हमला नहीं किया है। उनके अनुसार, इससे पहले अमेरिका लगातार 13 रातों तक ईरान पर सैन्य हमले कर रहा था।
और पढ़ें: पीलीभीत टाइगर रिजर्व में घायल मिली बाघिन की उपचार के दौरान मौत, पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज
बताया जा रहा है कि 24 जुलाई से पहले अमेरिकी सेना ने लगातार 13 रातों तक ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया था। यह कार्रवाई अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद पिछले लगभग पांच महीनों में संघर्ष का सबसे बड़ा दौर मानी जा रही थी। हालांकि शुक्रवार और शनिवार की रात कोई नया हमला नहीं हुआ।
सैन्य गतिविधियों में आई इस अस्थायी रोक का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी देखने को मिला। तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं कम होने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ते हैं तो इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार को भी स्थिरता मिल सकती है। हालांकि क्षेत्र में तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और दुनिया की नजर अब दोनों देशों के अगले कदम पर बनी हुई है।
और पढ़ें: वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने अमेरिका समर्थित वार्ता में शामिल होने से इनकार किया