वेस्टइंडीज ने लगातार तीन हार के बाद आखिरकार जीत का स्वाद चखते हुए न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के अंतिम मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की। बारबाडोस में खेले गए मैच में वेस्टइंडीज ने 269 रनों के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए सीरीज का अंत जीत के साथ किया। हालांकि टीम पहले ही सीरीज गंवा चुकी थी, लेकिन यह जीत आगामी विश्व कप क्वालीफायर से पहले उसके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हुई।
लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम एक समय 123 रन पर चार विकेट गंवा चुकी थी। इसके बाद शिमरॉन हेटमायर और शेरफेन रदरफोर्ड ने पारी को संभालते हुए शानदार साझेदारी की। हेटमायर ने 64 गेंदों में नाबाद 69 रन बनाए, जबकि रदरफोर्ड ने 61 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए केवल 90 गेंदों में 95 रन जोड़कर मैच का रुख बदल दिया।
न्यूज़ीलैंड की ओर से स्पिन गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में शानदार प्रदर्शन किया। कप्तान मिचेल सैंटनर के आक्रमण पर आने के बाद स्पिनरों ने लगातार दबाव बनाया। वहीं, कीसी कार्टी ने 54 गेंदों पर केवल 20 रन बनाए, जो वेस्टइंडीज के लिए काफी धीमी पारी रही। कप्तान शाई होप भी जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम मुश्किल में आ गई।
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न्यूज़ीलैंड के युवा स्पिनर जेडन लेनॉक्स ने इस मैच में भी प्रभावशाली गेंदबाजी करते हुए सीरीज में कुल 14 विकेट पूरे किए। इसके साथ ही उन्होंने द्विपक्षीय वनडे सीरीज में सर्वाधिक विकेट लेने वाले स्पिनरों की सूची में शेन वॉर्न, अनिल कुंबले, सुनील नरेन और शाहिद अफरीदी जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया।
मैच के अंतिम चरण में जैकब डफी ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लेकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। लेकिन हेटमायर ने दबाव में शानदार बल्लेबाजी करते हुए डफी के ओवर में दो छक्के जड़कर वेस्टइंडीज को जीत दिला दी। यह उनके वनडे करियर का तीसरा सफल रन चेज़ था, जिसमें वे नाबाद लौटे।
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