पश्चिम बंगाल में राष्ट्रवाद और हिंदुत्व को लेकर राजनीतिक बहस के बीच भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी की अगुवाई में ‘केसरिया सम्मान यात्रा’ बुधवार से कोलकाता में शुरू होने जा रही है। भाजपा ने कहा है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रवादी विचारों को बढ़ावा देना है और लोगों से यात्रा में शामिल होने की अपील की है।
यात्रा गोलपार्क से शुरू होकर ढाकुरिया से गुजरते हुए 8बी बस स्टैंड पर समाप्त होगी। यही वह स्थान है जहां 28 अगस्त को जादवपुर विश्वविद्यालय के पास 10 हजार लोगों ने ‘वंदे मातरम्’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। करीब तीन किलोमीटर लंबी यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्र संगठनों और आरएसएस से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बीच नारेबाजी और दीवारों पर लिखे नारों को लेकर विवाद जारी है।
आयोजकों के मुताबिक, यात्रा का मकसद केसरिया रंग से जुड़े त्याग, साहस, आत्मसमर्पण और सनातन परंपरा के मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाना है। यह अभियान जादवपुर विश्वविद्यालय में हालिया झड़पों और ‘केसरिया गुंडागर्दी’ जैसे विवादों के बाद और महत्वपूर्ण हो गया है।
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सुवेंदु अधिकारी ने हाल ही में वंदे मातरम् कार्यक्रम में वामपंथ और तृणमूल कांग्रेस पर राष्ट्रवाद को कमजोर करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से साम्यवादी प्रभाव के कारण छात्रों का स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और भारतीय-बंगाली सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ाव कमजोर हुआ है।
आरएसएस से जुड़े नेताओं का मानना है कि बंगाल की पारंपरिक और सनातनी पहचान को फिर मजबूत करने की जरूरत है। हालांकि, भाजपा के विरोधी दलों को आशंका है कि इस तरह का अभियान बंगाल की विविधता, बहुलतावाद और सभी धर्मों के प्रति समावेशी दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकता है।
दुर्गा पूजा से पहले बागेश्वर बाबा के मांसाहार छोड़ने संबंधी बयान और मोहन भागवत की खान-पान को लेकर नकारात्मकता से बचने की टिप्पणी ने भी बहस को बढ़ाया है।
दिवाली के बाद पश्चिम बंगाल में नगर निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं। कोलकाता और हावड़ा समेत कई नगर निकायों में चुनाव होने हैं। ऐसे में राष्ट्रवाद और हिंदुत्व पर केंद्रित यह अभियान भाजपा के लिए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की अहम रणनीति माना जा रहा है।
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