आंध्र प्रदेश की विपक्षी पार्टी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर सोशल मीडिया अकाउंट बंद कराने को लेकर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार ने उन सभी सोशल मीडिया अकाउंट पर कार्रवाई की है, जो मेगा जिला चयन समिति (डीएससी)-2025 शिक्षक भर्ती में कथित घोटाले से जुड़े मुद्दों को उजागर कर रहे थे।
वाईएसआरसीपी ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के इस कदम को तानाशाही रवैया करार दिया। पार्टी का कहना है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को सामने लाने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अकाउंट को रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार आलोचनात्मक आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है। वाईएसआरसीपी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर डीएससी-2025 शिक्षक भर्ती से जुड़े सवाल उठाने वाले अकाउंट को बंद करना इस बात का संकेत है कि सरकार कथित भर्ती घोटाले से संबंधित जानकारी को सार्वजनिक होने से रोकना चाहती है।
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डीएससी-2025 के तहत शिक्षक पदों पर भर्ती आंध्र प्रदेश में महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। विपक्ष लगातार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार से जवाब मांगता रहा है। वाईएसआरसीपी ने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाली सूचनाओं और आरोपों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
पार्टी ने मुख्यमंत्री और गठबंधन सरकार से सोशल मीडिया अकाउंट बंद किए जाने के कारणों को सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही उसने आरोप लगाया कि सरकार की कार्रवाई से जनता के बीच पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
वाईएसआरसीपी ने कहा कि वह शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी और कथित अनियमितताओं पर सरकार से जवाब मांगना जारी रखेगी। पार्टी ने लोकतांत्रिक संस्थाओं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
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