भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन (BIRC) 2026 में 150 से अधिक देशों के खरीदारों ने पंजीकरण कराया है और सम्मेलन शुरू होने से पहले ही 2,038 बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकें निर्धारित की जा चुकी हैं। यह सम्मेलन 23 अक्टूबर को शुरू होने जा रहा है, जिसके ज़रिए भारत का चावल उद्योग अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को मज़बूत करना चाहता है।
भारतीय चावल निर्यातक महासंघ (IREF) द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय सम्मेलन नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 23 से 25 अक्टूबर तक आयोजित होगा। अब तक इस आयोजन में 4,649 खरीदार पंजीकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि लगातार दूसरे वर्ष प्रदर्शनी स्थल पूरी तरह बुक हो चुका है और 180 से अधिक कंपनियां इसमें हिस्सा लेंगी। कुवैत, दक्षिण अफ्रीका, बेनिन, नाइजीरिया, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे प्रमुख चावल आयातक देशों से भी खरीदारों ने पंजीकरण कराया है। इन निर्धारित बैठकों का उद्देश्य भारतीय आपूर्तिकर्ताओं को संभावित अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों से सीधे जोड़ना है, और इस दौरान एक-से-एक बातचीत का समन्वय EY द्वारा किया जाएगा।
IREF के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देव गर्ग ने कहा कि सम्मेलन ने पूरे भारत से भागीदारी के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ती रुचि आकर्षित की है। उन्होंने कहा, "BIRC 2026 के सबसे उत्साहजनक पहलुओं में से एक पूरे भारत से मज़बूत भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की बढ़ती रुचि का संयोजन है।" उन्होंने यह भी बताया कि राज्यवार मानचित्र में दर्ज पंजीकरणों में से लगभग 91 प्रतिशत दिल्ली से बाहर के हैं।
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सम्मेलन में वैश्विक चावल कीमतों, निर्यात अवसरों और 2027 के परिदृश्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। 23 और 24 अक्टूबर को आयोजित होने वाले नौ ज्ञान सत्रों में वैश्विक मांग-आपूर्ति, निर्यात भुगतान, बीमा, शिपिंग लागत, गुणवत्ता मानक, सरकारी नीतियों और मूल्य-वर्धित चावल उत्पादों में अवसरों जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। उद्घाटन सत्र, जिसका शीर्षक "ग्लोबल राइस डिमांड एंड सप्लाई आउटलुक 2027: प्राइस क्रैश या न्यू बुल रन?" है, में S&P ग्लोबल, बिगमिंट, EY और IREF के विशेषज्ञ विभिन्न बाज़ार परिदृश्यों के तहत संभावित मूल्य बदलावों का आकलन करेंगे।
इस आयोजन में 2027 के लिए देखे जाने वाले शीर्ष 10 चावल बाज़ारों की सूची भी जारी की जाएगी, जो भारतीय बासमती और गैर-बासमती चावल के संभावित गंतव्यों को दर्शाएगी। इस आकलन में मांग, प्रतिस्पर्धा, मूल्य निर्धारण, बाज़ार पहुंच और भुगतान जोखिम जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।
वर्ष 2025 में आयोजित पहले BIRC सम्मेलन में 10,854 आगंतुक पहुंचे थे, जिनमें 90 से अधिक देशों के 1,083 अंतरराष्ट्रीय खरीदार शामिल थे। EY के आयोजन-पश्चात मूल्यांकन के अनुसार, उस सम्मेलन से लगभग 33,453 करोड़ रुपये के व्यापारिक समझौतों की रिपोर्ट मिली, जो करीब 86.3 लाख टन चावल से संबंधित थे। IREF को उम्मीद है कि 2026 का सम्मेलन उस भागीदारी को आगे बढ़ाएगा और भारत के चावल उद्योग व वैश्विक बाज़ारों के बीच संबंधों को और मज़बूत करेगा।
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