देश में इस साल बासमती चावल की पैदावार पिछले वर्ष की तुलना में 5 से 10 प्रतिशत अधिक रहने की उम्मीद है। यह जानकारी बासमती IREF के अध्यक्ष और चमन लाल सेतिया एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के संयुक्त प्रबंध निदेशक राजीव सेतिया ने दी। उन्होंने बताया कि अनुकूल मानसून और उसके बाद हुई अच्छी बारिश ने फसल की बेहतर वृद्धि में मदद की है, जिससे उपज में सुधार की संभावना बनी है।
राजीव सेतिया ने नई दिल्ली में आयोजित भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस 2026 के मौके पर कहा, "मानसून इस बार ठीक-ठाक रहा... और उसके बाद अच्छी बारिश हुई। चारों तरफ देखिए, हरियाली ही हरियाली है। इसी वजह से फसल अच्छी बढ़ी और इस साल बासमती चावल की उपज अधिक है।" संभावित बढ़ोतरी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "यह पिछले साल की तुलना में निश्चित रूप से 5 से 10 प्रतिशत अधिक रहेगी।"
उद्योग जगत के लिए यह उपज वृद्धि इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बासमती चावल की मांग बढ़ने की उम्मीद के बीच बेहतर कृषि उत्पादन निर्यात की उपलब्धता को सहारा दे सकता है।
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राजीव सेतिया ने भारतीय बासमती चावल की दीर्घकालिक मांग को लेकर भी सकारात्मक रुख जताया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय भोजन की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "आने वाले समय में बासमती की मांग बढ़ने की संभावना है।" उन्होंने बताया कि भारतीय बासमती चावल ने दुनिया भर के बाजारों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है, जबकि उनकी अपनी कंपनी चमन लाल सेतिया एक्सपोर्ट्स लिमिटेड 96 देशों को चावल निर्यात करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप और अमेरिका के उपभोक्ताओं में भारतीय व्यंजनों की बढ़ती लोकप्रियता पारंपरिक उपभोक्ताओं से आगे बढ़कर बासमती चावल के लिए बाजार का विस्तार करने में मददगार साबित हो रही है। साथ ही उन्होंने भारत की वैश्विक बासमती व्यापार में स्थिति को रेखांकित करते हुए बताया कि इस फसल को भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्राप्त है और यह विशेष भौगोलिक क्षेत्रों में उगाई जाती है।
भारत दुनिया के प्रमुख बासमती चावल उत्पादक और निर्यातक देशों में से एक है, और यह फसल देश के कृषि निर्यात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक उपज से आपूर्ति में सुधार हो सकता है, लेकिन वास्तविक निर्यात प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय मांग और बाजार की स्थितियों पर भी निर्भर करेगा।
गौरतलब है कि भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस 2026 का आयोजन 23 से 25 अक्टूबर तक नई दिल्ली में किया जा रहा है, जिसमें भारतीय निर्यातक, अंतरराष्ट्रीय खरीदार और वैश्विक चावल व्यापार से जुड़े अन्य हितधारक शामिल हो रहे हैं।
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