लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया “सात अपीलों” पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इन अपीलों को “सलाह” नहीं बल्कि “असफलता के सबूत” बताया।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जनता से सोना न खरीदने, विदेश यात्रा न करने, कम पेट्रोल-डीजल उपयोग करने, खाद्य तेल और उर्वरक की खपत घटाने, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन अपनाने तथा वर्क फ्रॉम होम करने जैसी अपीलें की हैं।
उन्होंने कहा कि ये बातें मार्गदर्शन नहीं बल्कि सरकार की विफलताओं का प्रमाण हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को “समझौता कर चुके पीएम” बताते हुए आरोप लगाया कि आर्थिक दबाव बढ़ने पर सरकार अपनी जिम्मेदारी जनता पर डाल रही है।
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कांग्रेस नेता ने कहा कि 12 वर्षों में देश ऐसी स्थिति में पहुंच गया है जहां सरकार लोगों को यह बताने लगी है कि क्या खरीदना है और क्या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार जिम्मेदारी से बचने के लिए जनता पर बोझ डाल रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि यह सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए जनता से त्याग करने को कह रही है, जबकि असली जिम्मेदारी सरकार की है।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में एक रैली के दौरान पश्चिम एशिया संकट के बीच आर्थिक दबाव को देखते हुए सात प्रमुख सुझाव दिए थे। इनमें पेट्रोल-डीजल की खपत कम करना, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग, कारपूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, घरेलू उत्पाद अपनाना, विदेशी यात्रा टालना और सोने की खरीद से बचना शामिल है।
पीएम मोदी ने कहा था कि वैश्विक संकट के कारण विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ा है और देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए जनता की भागीदारी जरूरी है।
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