घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी करीब आधा प्रतिशत नीचे बंद हुए। सेंसेक्स 374 अंक गिरकर 76,570 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 141 अंक फिसलकर 23,914 पर आ गया।
व्यापक बाजार में भी दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक करीब आधा प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और भविष्य में महंगाई बढ़ने की आशंकाओं ने दलाल स्ट्रीट के निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित किया।
नकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। कारोबार के दौरान दोनों प्रमुख सूचकांक सीमित दायरे में रहे और पूरे दिन दबाव में कारोबार करते रहे। हालांकि, क्लोजिंग ऑक्शन सत्र के बाद बाजार ने अपनी कुछ शुरुआती गिरावट की भरपाई की।
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सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 20 के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 1.6 प्रतिशत की गिरावट आई। एचसीएल टेक्नोलॉजीज 1.5 प्रतिशत और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड 1.3 प्रतिशत नीचे रहा। दूसरी ओर, अडानी पोर्ट्स 1.6 प्रतिशत चढ़ा। बजाज फाइनेंस, पावरग्रिड और एनटीपीसी में करीब एक प्रतिशत की तेजी रही, जबकि टाइटन 0.7 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।
बीएसई के 28 सेक्टोरल सूचकांकों में से 18 में गिरावट रही। ऑटो सेक्टर 1.7 प्रतिशत, आईटी 1.2 प्रतिशत और बीमा तथा कैपिटल गुड्स 1.1 प्रतिशत नीचे रहे। इसके विपरीत, यूटिलिटीज 1.4 प्रतिशत चढ़ा। इसके अलावा हाउसिंग फाइनेंस और एनर्जी क्षेत्र में 0.7 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि पावर क्षेत्र करीब 0.5 प्रतिशत मजबूत हुआ।
बीएसई पर बाजार का रुख नकारात्मक रहा। कुल 2,560 कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई, जबकि 1,799 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए और 217 में कोई बदलाव नहीं हुआ।
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