अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में असम राइफल्स और अरुणाचल प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने म्यांमार के दो नागरिकों को हिरासत में लिया है। सुरक्षा बलों ने उनके पास से 130.09 ग्राम संदिग्ध ब्राउन शुगर या हेरोइन बरामद की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 26 लाख रुपये आंकी गई है।
यह कार्रवाई नामपोंग पुलिस थाने के अंतर्गत नोंगकी गांव के पास की गई। अधिकारियों के मुताबिक, संदिग्ध नशीले पदार्थ को 10 साबुन की डिब्बियों में छिपाकर रखा गया था। दोनों आरोपियों को नामपोंग पुलिस थाने में रखा गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
अरुणाचल प्रदेश के गृह मंत्री मामा नाटुंग ने भी इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर चांगलांग जिला पुलिस और 21वीं असम राइफल्स ने संयुक्त अभियान चलाकर दोनों विदेशी नागरिकों को पकड़ा।
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नाटुंग ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक ऐसे नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं कर दिए जाते।
म्यांमार सीमा से ड्रग तस्करी की चिंता
यह कार्रवाई अरुणाचल प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ तेज अभियान के बीच हुई है। सुरक्षा एजेंसियां पिछले कुछ महीनों से संदिग्ध ड्रग नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
चांगलांग की स्थिति विशेष रूप से संवेदनशील मानी जाती है, क्योंकि इसकी अंतरराष्ट्रीय सीमा म्यांमार से लगती है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, सीमा पार से भारत में आने वाले मादक पदार्थों के लिए यह जिला एक महत्वपूर्ण मार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
म्यांमार अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन के लिए जाना जाता है। यह इलाका गोल्डन ट्रायंगल के भी करीब है, जहां म्यांमार, थाईलैंड और लाओस की सीमाएं मिलती हैं। यह क्षेत्र लंबे समय से अफीम और हेरोइन के उत्पादन तथा तस्करी से जुड़ा रहा है।
सुरक्षा सूत्रों ने पूर्वोत्तर में सक्रिय कुछ उग्रवादी संगठनों के ड्रग तस्करी नेटवर्क से संभावित संबंधों का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन दावों की जांच जारी है।
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