केरल पुलिस ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक कार से 12.8 किलोग्राम एमडीएमए जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, बरामद सिंथेटिक ड्रग की कीमत खुदरा बाजार में 10 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। इसे केरल पुलिस द्वारा एमडीएमए की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक बताया जा रहा है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मलप्पुरम के जाबिर अली और शाइम अकबर तथा वायनाड के मोहम्मद सालिह के रूप में हुई है। कार्रवाई मलप्पुरम जिला पुलिस प्रमुख चैत्रा टेरेसा जॉन के नेतृत्व में विशेष टीम ने की।
केरल में ड्रग की 'डिलीवरी' की थी तैयारी
पुलिस के मुताबिक, बरामद 12.8 किलो एमडीएमए को 100 से 500 ग्राम के अलग-अलग पैकेटों में बांटा गया था। इन पैकेटों को तिरुवनंतपुरम से लेकर कासरगोड तक केरल के विभिन्न स्थानों पर पहुंचाया जाना था।
और पढ़ें: मणिपुर के जंगल में दो नगा गुटों के बीच गोलीबारी, एक की मौत, 5 घायल
ड्रग को एक इनोवा कार के दरवाजों के अंदर बने गुप्त हिस्सों में छिपाया गया था। जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपी केरल के अलावा अन्य राज्यों में सक्रिय एक बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़े हैं।
100 ग्राम एमडीएमए से मिला बड़ा सुराग
पूरे नेटवर्क का खुलासा कुछ सप्ताह पहले हुई केवल 100 ग्राम एमडीएमए की बरामदगी से हुआ। पुलिस ने सूचना के आधार पर मंजेरी शहर के एक निजी अपार्टमेंट में छापा मारकर छह लोगों को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ के दौरान पुलिस को अंतरराज्यीय ड्रग आपूर्ति श्रृंखला के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जांच में सामने आया कि नेटवर्क दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के जरिए काम कर रहा था। इन शहरों में बड़ी मात्रा में एमडीएमए गुप्त स्थानों पर रखा जाता था और फिर केरल तथा तमिलनाडु में भेजा जाता था।
पुलिस के अनुसार, तस्कर ड्रग पहुंचाने के लिए गुप्त हिस्सों वाले महंगे वाहनों का इस्तेमाल करते थे।
कोयंबटूर बना प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट
जांच के दौरान कोयंबटूर, पलानी और कोडाइकनाल को नेटवर्क के प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट के रूप में चिन्हित किया गया। इसके बाद पुलिस ने इन इलाकों में संदिग्ध लोगों और वाहनों की निगरानी शुरू की।
आखिरकार तीनों आरोपियों को कोयंबटूर के पास रोका गया। वाहन की तलाशी के दौरान दरवाजों के पैनल में छिपाकर रखा गया एमडीएमए बरामद हुआ।
पुलिस अब 12.8 किलोग्राम ड्रग की खेप के स्रोत और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है।
और पढ़ें: मानकों पर खरा नहीं: एवरेस्ट और लालजी गोधू को हींग पाउडर बेचने पर FSSAI ने लगाई रोक