भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर सामने आई रिपोर्टों को अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत सकारात्मक दिशा में जारी है और उचित समय पर समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
सोशल मीडिया मंच पर प्रतिक्रिया देते हुए सर्जियो गोर ने उस रिपोर्ट को "फेक न्यूज" बताया, जिसमें दावा किया गया था कि भारत ने बेहतर समझौते की उम्मीद में अमेरिका के साथ त्वरित व्यापार समझौते को ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा, "फेक न्यूज अलर्ट! किसी ने कुछ भी अस्वीकार नहीं किया है। दोनों पक्षों के बीच रचनात्मक बैठकें हुई हैं और व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है। हम लगातार सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं।"
इससे पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी संबंधित रिपोर्ट को "पूरी तरह झूठी, निराधार और भ्रामक" करार दिया। उन्होंने कहा कि जून में नई दिल्ली यात्रा के दौरान अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के साथ उनकी बेहद सकारात्मक बैठक हुई थी। दोनों पक्षों ने ऐसे संतुलित और व्यावसायिक रूप से लाभकारी समझौते पर सहमति जताई, जिससे दोनों देशों के उद्योगों, किसानों, श्रमिकों और उपभोक्ताओं को वास्तविक लाभ मिले।
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हालांकि एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत ने हालिया वार्ता में जल्दबाजी में समझौता करने से इनकार कर दिया है और बेहतर शर्तों की प्रतीक्षा कर रहा है। इस पर भारतीय अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच किसी प्रकार का मतभेद या गतिरोध नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार, समझौते का प्रारंभिक ढांचा तैयार है और दोनों पक्ष एक-दूसरे की प्राथमिकताओं तथा अपेक्षाओं से पूरी तरह परिचित हैं। भारत का लक्ष्य ऐसा समझौता करना है, जिससे उसे शुल्क व्यवस्था के मामले में प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर लाभ मिल सके।
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