एक पश्चिमी सुरक्षा अधिकारी के आकलन के अनुसार, ईरान ने यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद के लिए लगभग 3 अरब डॉलर मूल्य की मिसाइलें मॉस्को को बेची हैं। यह युद्ध राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में लगभग चार वर्षों से जारी है। अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि अक्टूबर 2021 से—युद्ध शुरू होने से पहले—रूस और ईरान के बीच बैलिस्टिक और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के लिए किए गए अनुबंधों का कुल मूल्य करीब 2.7 अरब डॉलर है।
इन खरीदों में सैकड़ों फतह-360 कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें, लगभग 500 अन्य कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें और करीब 200 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें शामिल हैं, जो वायु रक्षा प्रणालियों से जुड़ी हैं।
फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर हमले के बाद से मॉस्को और तेहरान के संबंध और गहरे हुए हैं। इस युद्ध के कारण रूस पर व्यापक प्रतिबंध लगाए गए और यह शीत युद्ध के बाद पश्चिम के साथ क्रेमलिन का सबसे गंभीर टकराव बन गया। वहीं, ईरान द्वारा रूस को हथियारों की आपूर्ति ने दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत किया है।
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रूस के रक्षा मंत्रालय और ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस विषय पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ईरान में इंटरनेट पर कड़े प्रतिबंध और लगभग ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है।
आकलन के मुताबिक, ईरान ने रूस को लाखों राउंड गोला-बारूद और तोप के गोले भी उपलब्ध कराए हैं। यह पूरी आपूर्ति का अंतिम आंकड़ा नहीं है, क्योंकि आगे और सैन्य साजो-सामान भेजे जाने की संभावना है।
तेहरान ने शाहेद-136 “कामिकाज़े” ड्रोन भी रूस को दिए हैं और तकनीक साझा की है, जिससे रूस इन्हें घरेलू स्तर पर “गेरान-2” नाम से बना रहा है। यह सौदा 2023 की शुरुआत में 1.75 अरब डॉलर में हुआ था। कुल मिलाकर, 2021 के अंत से रूस ईरानी सैन्य उपकरणों पर 4 अरब डॉलर से अधिक खर्च कर चुका है।
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