अमेरिका-मैक्सिको सीमा के पास अमेरिकी सेना ने 26 फरवरी 2026 को एक “संदिग्ध” ड्रोन को लेज़र हथियार से मार गिराया। बाद में पता चला कि वह ड्रोन अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (सीबीपी) का था। इस पहचान की चूक ने सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने टेक्सास स्थित फोर्ट हैनकॉक के आसपास अतिरिक्त हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया। यह इलाका एल पासो से लगभग 80 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। नियमों के अनुसार, अमेरिकी वायुसीमा में किसी भी काउंटर-ड्रोन कार्रवाई से पहले सेना को एफएए को सूचित करना होता है।
दो सप्ताह के भीतर यह दूसरी घटना थी जब इस क्षेत्र में लेज़र का इस्तेमाल हुआ। इससे पहले फोर्ट ब्लिस के पास सीबीपी ने एंटी-ड्रोन लेज़र तैनात किया था, जिसके बाद एल पासो हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा था।
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वॉशिंगटन के सांसद रिक लार्सन और अन्य डेमोक्रेट नेताओं ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्रंप प्रशासन पर एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी का आरोप लगाया। इलिनॉय की सीनेटर टैमी डकवर्थ ने स्वतंत्र जांच की मांग की है।
एफएए, पेंटागन और सीबीपी ने संयुक्त बयान में कहा कि सैन्य हवाई क्षेत्र में संभावित खतरे को देखते हुए कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि यह कदम सीमा पर मैक्सिकन कार्टेल और विदेशी आतंकी संगठनों से ड्रोन खतरों को रोकने के प्रयास का हिस्सा है।
इस घटना ने अमेरिकी एजेंसियों के बीच तालमेल और हवाई सुरक्षा व्यवस्थाओं पर नई बहस छेड़ दी है।
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