तमिलनाडु के थेनी जिला जेल से फरार हुए 17 कैदियों में से पुलिस ने अब तक 13 को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी कैदियों की तलाश के लिए ड्रोन निगरानी और व्यापक खोजी अभियान जारी है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
जेल महानिदेशक (डीजीपी) संदीप राय राठौड़ ने जिला जेल का दौरा करने के बाद बताया कि इस घटना के सिलसिले में जेल विभाग के नौ अधिकारियों को निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि फरार कैदियों को पकड़ने के अभियान में तमिलनाडु पुलिस ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिसमें दो टीमें मिलकर काम कर रही थीं। राठौड़ ने संवाददाताओं से कहा, "अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जेल विभाग के नौ अधिकारियों को निलंबित किया गया है। फरार कैदियों को पकड़ने के प्रयासों में तमिलनाडु पुलिस सक्रिय रूप से शामिल थी। दो टीमें मिलकर इस अभियान पर काम कर रही थीं।"
जेल के आसपास घने जंगल और पहाड़ी इलाके को देखते हुए पुलिस ने सभी निकासी मार्गों पर सशस्त्र चेकपोस्ट लगाकर व्यवस्थित तलाशी अभियान शुरू किया। पड़ोसी जिलों ने अपनी सीमाएं सील कर दीं, जबकि केरल पुलिस को भी फरार कैदियों की तलाश के लिए सतर्क किया गया। सभी कैदियों की तस्वीरें और विवरण सार्वजनिक किए गए ताकि जनता से जानकारी मिल सके। रेलवे ट्रैक और रेलवे स्टेशनों पर भी निगरानी बढ़ाई गई ताकि कैदी ट्रेन मार्ग से भाग न सकें। हवाई अड्डों पर जांच की गई, जबकि आरोपियों के घरों तथा उनके रिश्तेदारों और दोस्तों के ठिकानों पर भी निगरानी रखी गई। आसपास के गांवों को सतर्क किया गया और वन रक्षकों तथा राजस्व अधिकारियों से तलाशी में मदद मांगी गई। टैक्सी स्टैंड, ऑटो स्टैंड और बस स्टैंड पर भी सतर्कता बरती गई।
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अभियान के तहत पूरे क्षेत्र में व्यवस्थित तलाशी के लिए 17 विशेष टीमें बनाई गईं। जंगल की कंघी तलाशी के लिए पांच विशेष कार्य बल (एसटीएफ) टीमों को बुलाया गया, जबकि चार तमिलनाडु विशेष पुलिस (टीएसपी) कंपनियों को भी अभियान में सहायता के लिए तैनात किया गया। दिन निकलते ही तीन विशेष ड्रोन तैनात किए गए, जिनकी फुटेज ने पुलिस को बड़े क्षेत्रों को कवर करने और कैदियों के ठिकाने का पता लगाने में मदद की।
इस घटना को लेकर तमिलनाडु में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। द्रमुक (डीएमके) और भाजपा के नेताओं ने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था और जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। डीएमके की उप महासचिव कनिमोझी ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार टीवीके सरकार के सत्ता में आने के बाद से तमिलनाडु की जेलों से 50 से अधिक कैदी फरार हो चुके हैं, जिनमें से 17 एक ही दिन में भागे। उन्होंने कहा, "पुलिस कथित तौर पर सत्तारूढ़ दल के पक्ष में काम कर रही है जब विपक्षी दल पुलिसिंग में खामियों का मुद्दा उठाते हैं। पुलिस को अपने कर्तव्यों पर ध्यान देना चाहिए, न कि सत्तारूढ़ दल के आईटी विंग की तरह काम करना चाहिए।"
भाजपा नेता नारायणन थिरुपति ने भी राज्य सरकार की आलोचना करते हुए इसे शासन की विफलता बताया और जेल सुधारों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "टीवीके सरकार की अक्षमता और अपरिपक्वता सामने आई है। जेल मंत्री निर्मल कुमार ने कई सुधारों की बात कही थी, लेकिन समझ नहीं आता कि यह कैसा सुधार है कि लोग जेल से भाग रहे हैं। पिछले छह महीनों में टीवीके शासन के दौरान 50 से अधिक लोग जेलों से फरार हो चुके हैं, जो बेहद चिंताजनक है। इसके अलावा कोयंबटूर बम विस्फोट के छह दोषियों को दो महीने की पैरोल पर कोयंबटूर से रिहा किया गया है।"
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