दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी से उनके एक बयान पर लिखित जवाब मांगा है। यह बयान उन्होंने इस महीने की शुरुआत में आयोजित विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान अपनी पार्टी के विधायकों के निलंबन को लेकर दिया था। सचिवालय ने बुधवार को भेजे गए पत्र में कहा कि आतिशी द्वारा निलंबन के कारणों पर की गई टिप्पणियां “गलत और दुर्भावनापूर्ण” मानी जा रही हैं।
पत्र में बताया गया है कि स्पीकर विजेंद्र गुप्ता के निर्देश पर इस मामले को विशेषाधिकार समिति (कमेटी ऑफ प्रिविलेजेज) के पास भेजा गया है। विधानसभा सचिवालय का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष द्वारा दिए गए बयानों से सदन की कार्यवाही और उसकी गरिमा पर सवाल उठते हैं, इसलिए इस पर स्पष्टीकरण आवश्यक है।
गौरतलब है कि 6 जनवरी को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान आम आदमी पार्टी के चार विधायकों — संजीव झा, सोम दत्त, कुलदीप कुमार और जरनैल सिंह — को सदन से मार्शलों के जरिए बाहर निकाला गया था। इसके बाद इन विधायकों को निलंबित कर दिया गया। AAP ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष पर पक्षपात का आरोप लगाया था।
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आतिशी ने भी सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनकी पार्टी के विधायकों को बिना उचित कारण के निलंबित किया गया और यह कार्रवाई सरकार की आलोचना को दबाने के उद्देश्य से की गई। हालांकि, विधानसभा सचिवालय का कहना है कि उनके बयान तथ्यों के अनुरूप नहीं हैं और इन्हें दुर्भावनापूर्ण माना गया है।
अब आतिशी को इन आरोपों पर अपना पक्ष लिखित रूप में रखना होगा। विशेषाधिकार समिति उनके जवाब और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच करेगी और आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। यह मामला दिल्ली की राजनीति में एक नए टकराव का संकेत माना जा रहा है।
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