बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई आरा पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने की। आरा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राज ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और जांच अभी भी चल रही है।
गौरतलब है कि 17 जून को बिहार के भोजपुर जिले के बिलौती गांव निवासी 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में विवाद खड़ा हो गया था।
भरत तिवारी के परिजनों ने शुरू से ही दावा किया कि उन्होंने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था और अपना हथियार भी फेंक दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें गोली मार दी गई। परिवार ने घटना में शामिल पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी, ग्रामीणों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की थी।
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परिवार के एक सदस्य ने कहा था कि जब तक जगदीशपुर डीएसपी राजेश शर्मा, शाहपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार मल्लकार, सब-इंस्पेक्टर अंकित आर्यन और एसटीएफ जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक भरत तिवारी की मां आशा देवी का अनिश्चितकालीन अनशन जारी रहेगा।
यह मामला उस समय और अधिक चर्चाओं में आया, जब घटना से ठीक पहले का एक फेसबुक लाइव वीडियो सामने आया। परिवार का दावा है कि वीडियो में भरत तिवारी पुलिस की ओर अपना पिस्तौल फेंकते हुए दिखाई देते हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था। वहीं, भोजपुर पुलिस का कहना है कि भरत तिवारी ने पुलिस टीम पर कई राउंड फायरिंग की थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई।
परिजनों की शिकायत के आधार पर बिहार पुलिस ने जगदीशपुर डीएसपी, शाहपुर थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। घटना के बाद बिहार सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश भी दिए थे। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
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