हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट) के मुद्दे पर पार्टी ने राज्य का साथ नहीं दिया। उन्होंने विपक्ष पर “सिर्फ राजनीति” करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है, जहां संसाधन सीमित हैं और विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार से मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेताओं ने इस मुद्दे पर राज्य के हितों की अनदेखी की और केंद्र के समक्ष मजबूती से अपनी बात नहीं रखी।
सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के विकास और जनता के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और हर संभव प्रयास कर रही है कि हिमाचल प्रदेश को उसका उचित हक मिले। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र से मिलने वाले आर्थिक सहयोग में कमी से राज्य की योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
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मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर राज्य के हित में काम करें और केंद्र सरकार से हिमाचल के लिए अधिक सहायता दिलाने में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब भी देगी। सुक्खू ने भरोसा जताया कि उनकी सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करती रहेगी और राज्य के विकास को प्राथमिकता देगी।
इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे आगामी समय में राजनीतिक माहौल और गरमा सकता है।
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