चीन और पाकिस्तान ने अपने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने तथा संयुक्त आर्थिक गलियारे (CPEC) के विकास को तेज करने पर “नए व्यापक समझौते” की घोषणा की है। दोनों देशों ने ग्वादर बंदरगाह को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी हब के रूप में विकसित करने पर भी सहमति जताई है।
यह घोषणा मंगलवार (26 मई 2026) को एक संयुक्त बयान में की गई, जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बीजिंग का दौरा पूरा किया। यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान निवेश की तलाश में है और अफगानिस्तान के साथ तनाव तथा ईरान युद्ध से उत्पन्न क्षेत्रीय परिस्थितियों को संभालने की कोशिश कर रहा है।
दोनों देशों के बीच हुए समझौते में खुनजराब दर्रे और कराकोरम हाईवे के उन्नयन की योजनाएं भी शामिल हैं। कराकोरम हाईवे चीन और पाकिस्तान के बीच मुख्य भूमि मार्ग है और इसे CPEC परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
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ग्वादर बंदरगाह, जो अरब सागर के किनारे स्थित है, इस पूरे आर्थिक गलियारे का एक रणनीतिक केंद्र माना जा रहा है। इसे एक बड़े क्षेत्रीय व्यापार और ट्रांजिट हब के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे चीन को मध्य एशिया और मध्य पूर्व तक पहुंच आसान हो सकेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दे रहा है, हालांकि इस परियोजना को लेकर क्षेत्रीय भू-राजनीतिक चिंताएं भी बनी हुई हैं।
इस संयुक्त बयान में दोनों देशों ने भविष्य में निवेश, बुनियादी ढांचे के विकास और क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने पर सहयोग जारी रखने की बात कही है।
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