कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नियुक्ति को लेकर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने इस पूरी प्रक्रिया को औपचारिक रूप से “चुनाव” कहा, लेकिन वास्तव में किसी तरह की लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया अपनाई ही नहीं गई। मंगलवार (20 जनवरी, 2026) को कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर भाजपा का मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि पहले अध्यक्ष का नाम घोषित कर दिया गया और बाद में चुनाव की बात की गई, जबकि वास्तविकता में कोई चुनाव हुआ ही नहीं।
नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने सवाल उठाते हुए कहा, “चुनाव कहां है? इसे चुनाव क्यों कहा जा रहा है? पहले आप अध्यक्ष घोषित कर देते हैं, फिर कहते हैं कि चुनाव होगा, और अंत में कोई चुनाव होता ही नहीं।” उन्होंने कहा कि भाजपा की यह प्रक्रिया उसकी कथित आंतरिक लोकतांत्रिक परंपराओं पर सवाल खड़े करती है।
कांग्रेस का कहना है कि भाजपा अक्सर दूसरी पार्टियों को लोकतंत्र और पारदर्शिता पर नसीहत देती है, लेकिन जब अपने संगठन के भीतर नेतृत्व चयन की बात आती है तो वह बंद कमरे में फैसले लेती है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा में शीर्ष नेतृत्व द्वारा तय किए गए नाम को ही औपचारिक रूप से “निर्विरोध चयन” या “चुनाव” का रूप दे दिया जाता है।
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कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मतलब सिर्फ औपचारिक घोषणा नहीं, बल्कि वास्तविक प्रतिस्पर्धा, मतदान और संगठन के सदस्यों की भागीदारी होती है। उनके अनुसार, भाजपा की इस प्रक्रिया से यह संदेश जाता है कि पार्टी में निर्णय ऊपर से थोपे जाते हैं।
भाजपा की ओर से इस आरोप पर तत्काल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। हालांकि, राजनीतिक हलकों में यह बहस तेज हो गई है कि क्या राष्ट्रीय दलों के आंतरिक चुनाव वास्तव में लोकतांत्रिक होते हैं या केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं।
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