भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच लंबे समय से प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वर्ष 2026 के अंत तक हस्ताक्षरित होने की संभावना है। यह जानकारी यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद दी।
बैठक में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी मौजूद रहे। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, संपर्क, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि दोनों पक्ष पहले किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और वर्ष के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। साथ ही निवेश समझौते पर भी कार्य तेज किया जाएगा।
व्यापार के अलावा भारत और यूरोपीय संघ ने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने पर भी सहमति जताई। दोनों पक्ष भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) परियोजना को आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए। इस परियोजना का उद्देश्य एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप के बीच व्यापारिक संपर्क और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करना है।
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इस वर्ष नई दिल्ली में आयोजित भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में दोनों पक्षों ने व्यापार समझौते की वार्ताओं को सफलतापूर्वक पूरा करने की घोषणा की थी। यह समझौता बाजार पहुंच बढ़ाने, व्यापारिक बाधाओं को कम करने और दोनों क्षेत्रों के व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, दवा उद्योग, स्वच्छ ऊर्जा, ऑटोमोबाइल और सेवा क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक संबंध और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
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