केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने साइबर अपराध से निपटने के लिए मौजूदा प्रणाली को और अधिक प्रभावी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए व्यापक सुधार के निर्देश दिए।
बैठक में अमित शाह ने अधिकारियों से हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली, शिकायत निवारण प्रक्रिया और तकनीकी ढांचे की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराध एक गंभीर चुनौती बन चुका है, ऐसे में पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।
गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि हेल्पलाइन प्रणाली को पुनर्गठित (रिवैम्प) किया जाए ताकि शिकायत दर्ज करने से लेकर कार्रवाई तक की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी सुधारों के माध्यम से उपयोगकर्ताओं का अनुभव बेहतर बनाया जाना चाहिए।
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अधिकारियों ने बैठक में बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 देशभर में साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में शिकायत दर्ज करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए पीड़ितों को तत्काल सहायता और संबंधित बैंक खातों में रोक लगाने जैसी कार्रवाई की जाती है।
अमित शाह ने जोर देकर कहा कि साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते डिजिटल लेनदेन के दौर में साइबर अपराध पर नियंत्रण सरकार की प्राथमिकता है।
सरकार का लक्ष्य है कि साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों का निपटारा अधिक तेज, प्रभावी और पारदर्शी तरीके से किया जाए, जिससे नागरिकों का भरोसा डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था पर और मजबूत हो सके।
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