चक्रवात से प्रभावित श्रीलंका में भारत की सहायता से निर्मित पहले बेली ब्रिज को रविवार (11 जनवरी 2026) को यातायात के लिए खोल दिया गया। श्रीलंका स्थित भारतीय उच्चायोग ने बताया कि 100 फुट लंबा यह बेली ब्रिज भारतीय सेना द्वारा निर्मित किया गया है, जिससे सेंट्रल प्रांत और उवा प्रांत के बीच एक महत्वपूर्ण सड़क संपर्क बहाल हो गया है।
भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “कनेक्टिविटी की बहाली — भारत की पोस्ट-दितवाह पुनर्निर्माण सहायता पैकेज के तहत पहला बेली ब्रिज यातायात के लिए खोला गया।” इस पुल का उद्घाटन श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने परिवहन उप मंत्री प्रसन्ना गुणसेना और शिक्षा एवं उच्च शिक्षा उप मंत्री मधुरा सेनेविरथने के साथ किया।
यह पुल भारत द्वारा श्रीलंका को दिए गए 450 मिलियन डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज के तहत बनाया गया है। नवंबर में आए चक्रवात दितवाह ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई थी, जिससे व्यापक बाढ़ और भूस्खलन हुए और 600 से अधिक लोगों की जान चली गई। यह सहायता पैकेज विदेश मंत्री एस. जयशंकर की श्रीलंका यात्रा के दौरान घोषित किया गया था, जिसमें 350 मिलियन डॉलर की रियायती ऋण सहायता और 100 मिलियन डॉलर की अनुदान राशि शामिल है।
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भारत ने 28 नवंबर को ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू कर श्रीलंका को राहत और पुनर्वास सहायता प्रदान की थी। इसके अलावा, भारत ने महावा जंक्शन से ओमानथाई तक चक्रवात से क्षतिग्रस्त उत्तरी रेलवे लाइन के पूर्ण पुनर्निर्माण में भी सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई है।
श्रीलंका रेलवे के अनुसार, पुनर्निर्मित रेलवे लाइन 14 अप्रैल को मनाए जाने वाले सिंहली और तमिल नववर्ष से पहले पूरी तरह चालू हो जाएगी। यह कार्य भारतीय रेलवे की कंपनी इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
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