भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा तय हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में समझौते की घोषणा के बाद शनिवार को दोनों देशों ने संयुक्त बयान जारी कर इसकी रूपरेखा सार्वजनिक की। इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा, जबकि भारत अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क खत्म या शून्य करने की दिशा में कदम उठाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि इससे भारतीय किसानों और कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती मिलेगी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारतीय व्यवसायों और किसानों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के विशाल बाजार के द्वार खोलेगा।
समझौते के अनुसार भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कृषि उत्पादों जैसे सोयाबीन तेल, फल, मेवे, पशु आहार, वाइन और अन्य उत्पादों पर शुल्क कम करेगा। वहीं अमेरिका भारतीय वस्त्र, चमड़ा, रबर, केमिकल्स, मशीनरी और हस्तशिल्प उत्पादों पर 18 प्रतिशत का पारस्परिक टैरिफ लागू करेगा और भविष्य में कई वस्तुओं पर शुल्क समाप्त करने की दिशा में काम करेगा।
और पढ़ें: ट्रंप ने घोषणा की भारत–अमेरिका ट्रेड डील: टैरिफ घटा कर 18% किया, रूसी तेल खरीद पर बड़ा बयान
अमेरिका भारतीय विमान और विमान पुर्जों पर लगाए गए कुछ टैरिफ हटाएगा, जबकि भारत को ऑटो पार्ट्स के लिए विशेष टैरिफ कोटा मिलेगा। दोनों देश गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने, डिजिटल व्यापार को बढ़ावा देने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने पर भी सहमत हुए हैं।
समझौते के तहत भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान, तकनीकी उपकरण और कोकिंग कोयला खरीदेगा। इसके अलावा, दोनों देश टेक्नोलॉजी सहयोग बढ़ाने और डेटा सेंटर से जुड़े उत्पादों के व्यापार को विस्तार देने पर भी सहमत हुए हैं। यह समझौता भविष्य में व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
और पढ़ें: महत्वपूर्ण खनिजों पर वैश्विक मंथन: विदेश मंत्री एस. जयशंकर 2 फरवरी को अमेरिका दौरे पर