असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार (7 फरवरी 2026) को कहा कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तान संबंधों की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में की जा रही है और इसका राजनीतिक असर “द्वितीयक” है।
सरमा ने दावा किया कि इस पूरे मामले में एक पाकिस्तानी नागरिक और एक ब्रिटिश नागरिक की “केंद्रीय भूमिका” है, हालांकि उन्होंने दोनों के नाम सार्वजनिक नहीं किए। उन्होंने बताया कि राज्य कैबिनेट इस मामले पर गठित विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट पर चर्चा कर आगे की कार्रवाई तय करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जांच राजनीति से प्रेरित नहीं है। उनके अनुसार, “यह जांच राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए है। इसका राजनीतिक प्रभाव बाद की बात है।” उन्होंने यह भी बताया कि ब्रिटिश नागरिक एक सांसद की पत्नी हैं और मामले में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बताई जा रही है।
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बीजेपी और असम सरकार ने पहले भी गोगोई पर उनकी पत्नी के कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने के आरोप लगाए थे। इसी संदर्भ में राज्य सरकार ने पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख की भारत के आंतरिक मामलों में कथित हस्तक्षेप की जांच के लिए SIT का गठन किया था।
SIT ने 10 सितंबर को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी थी। अब सरमा ने कहा है कि कैबिनेट चर्चा के बाद 8 फरवरी को रिपोर्ट के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य स्तर की जांच सीमित है और जब मामला केंद्र की एजेंसियों — NIA, IB या CBI — तक पहुंचेगा, तो जांच आगे बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अभी तक केवल 10% जांच हुई है और 90% जानकारी सामने आना बाकी है।
वहीं गौरव गोगोई ने इन आरोपों को “बेतुका, निराधार और पागलपन” करार देते हुए मुख्यमंत्री पर बिना तथ्यों के बयान देने का आरोप लगाया।
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