ईरान की नौसेना ने दावा किया है कि उसने बीते 24 घंटों के भीतर 7 जहाजों को नुकसान पहुंचाया है। इनमें से तेल ले जा रहे 4 जहाजों पर एक साथ हमला किया गया, जिसके बाद उनमें आग लग गई। वहीं होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में 3 अन्य जहाज बारूदी सुरंगों की चपेट में आ गए।
ईरान का कहना है कि ये जहाज बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद उस समुद्री रास्ते से गुजरे, जहां से गुजरने की उन्हें अनुमति नहीं थी। इसी के चलते चारों जहाजों पर एक साथ कार्रवाई की गई। हालांकि ईरान ने अब तक जहाजों के नाम, उनके मालिकों और हुए नुकसान की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
स्ट्रैटजिक एनर्जी मैप वेबसाइट के अनुसार, 20 अक्टूबर को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले करीब 99% घट गई। यानी जहां सामान्य दिनों में करीब 100 टैंकर इस रास्ते से गुजरते थे, उस दिन सिर्फ एक टैंकर ही गुजर सका। होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला अहम समुद्री मार्ग है और दुनिया की तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। यहां आवाजाही घटने से वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित होने और कीमतें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका जहाजों को जानबूझकर बारूदी सुरंगों वाले रास्ते से गुजरने के लिए उकसा रहा है। ईरानी नौसेना ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ऐसी कार्रवाई जारी रखता है, तो जवाबी हमलों का दायरा बढ़ाया जा सकता है, जिसमें पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी निशाने पर आ सकते हैं। ईरान का कहना है कि उसकी नौसेना होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही नियंत्रित कर रही है, हालांकि अमेरिका की ओर से इन आरोपों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को कहा कि फिलहाल अमेरिका ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं कर रहा है, लेकिन जल्द ही कुछ घटनाक्रम हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका सैन्य और आर्थिक, दोनों मोर्चों पर ईरान के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजराइल ने अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर नए हमलों की योजना बनाई है, जिसमें ईरान के ऊर्जा ठिकानों, परमाणु केंद्रों और मिसाइल-ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका नवंबर की शुरुआत तक पश्चिम एशिया में तीन विमानवाहक पोत, हजारों मरीन सैनिक और लड़ाकू विमान तैनात कर सकता है।
इस बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता होसैन मोहिबी ने चेतावनी दी कि अमेरिका के पास भले ही 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' हो, ईरान उसे 'फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' दिखाएगा। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि मौजूदा हालात ईरान, पश्चिम एशिया और पूरी दुनिया के लिए अच्छे नहीं हैं, लेकिन दबाव और युद्ध के बावजूद ईरान मजबूती से खड़ा है और आगे भी खड़ा रहेगा।
इससे पहले बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे कुवैत के झंडे वाले तेल टैंकर M/T अल दसमा पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था, जिसमें 21 भारतीय नाविकों समेत पूरा क्रू सवार था। अक्टूबर महीने में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर यह पांचवां हमला बताया जा रहा है।
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