तेहरान: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) नौसेना ने दावा किया है कि उसने उत्तरी फारस की खाड़ी में तेल ले जा रहे चार जहाजों को निशाना बनाकर आग के हवाले कर दिया, जबकि पश्चिमी होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन अन्य जहाज बारूदी सुरंगों से टकरा गए। यह दावा ईरान के सरकारी मीडिया इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) के हवाले से सामने आया है।
गुरुवार को जारी बयान में आईआरजीसी नौसेना ने कहा कि ये चारों जहाज पहले भी चेतावनियों के बावजूद "अवैध मार्ग" से गुजरे थे। बयान में कहा गया, "आक्रमणकारी अमेरिकी सेना द्वारा गुमराह की गई शिपिंग कंपनियों को पहले दी गई चेतावनियों के बाद, नौसेना लड़ाकों ने चार अपराधी जहाजों पर निगरानी रखते हुए और उनका पीछा करते हुए उन्हें उत्तरी फारस की खाड़ी के बीच में तेल कार्गो स्थानांतरित करते हुए पकड़ा, जहां चारों जहाजों पर एक साथ हमला कर उन्हें आग के हवाले कर दिया गया।"
आईआरजीसी नौसेना ने यह भी दावा किया कि बुधवार रात तीन अन्य जहाज पश्चिमी होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों से टकराए और रुक गए। यह बयान उस समय आया है जब इस रणनीतिक जलमार्ग से होकर गुजरने वाले समुद्री यातायात को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है, जिससे वैश्विक तेल शिपमेंट का बड़ा हिस्सा गुजरता है। आईआरजीसी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण को दोहराते हुए कहा कि उसके जवान ईरानी जनता के सहयोग से समुद्री यातायात का प्रबंधन जारी रखे हुए हैं।
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ईरानी सेना ने इन घटनाओं के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि वाशिंगटन जहाजों को "अवैध रूप से माइन लगे मार्ग" से गुजरने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। बयान में वाशिंगटन को चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि यह सिलसिला जारी रहा तो टकराव का दायरा क्षेत्र में मौजूद "आक्रामक ठिकानों" तक बढ़ाया जा सकता है। बयान में शामिल जहाजों की पहचान, उनके स्वामित्व, नुकसान की सीमा या किसी हताहत की जानकारी नहीं दी गई।
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत नहीं कर रहा है और "जल्द ही" कुछ होगा। अमेरिकी न्यूज नेटवर्क न्यूजनेशन की व्हाइट हाउस संवाददाता लिब्बी डीन से बातचीत में ट्रंप ने कहा, "थोड़ा बहुत, लेकिन देखते हैं क्या होता है।" यह पूछे जाने पर कि क्या वे ईरानी सरकार के साथ बातचीत खत्म कर चुके हैं, ट्रंप ने कहा, "नहीं, मुझे लगता है हम बातचीत नहीं कर रहे... हम किसी न किसी तरह कुछ करेंगे। यह जल्द ही होगा।"
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ने मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर नए सिरे से हमलों की योजना तैयार की है, जिसके तहत ईरान की ऊर्जा संरचना, परमाणु सुविधाओं और मिसाइल व ड्रोन शस्त्रागार को निशाना बनाया जा सकता है। इसी बीच ईरानी राज्य-संबद्ध मीडिया संस्थान स्टूडेंट न्यूज नेटवर्क (एसएनएन) के अनुसार, आईआरजीसी के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने कहा, "अमेरिका के पास 'मदर ऑफ ऑल बम्स' है। हम उन्हें 'फादर ऑफ ऑल बम्स' दिखाएंगे, और यह निश्चित रूप से उनके लिए कुछ नया होगा।"
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने ईरानी संसद को संबोधित करते हुए कहा, "हमने जो समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे, वह बहुत अच्छा था; हमने कुछ नहीं दिया था। मौजूदा स्थिति न तो हमारे लिए, न क्षेत्र के लिए और न ही दुनिया के लिए अच्छी है।" उन्होंने आगे कहा, "हम एक सुपर-चुनौती में हैं, न कि साधारण चुनौती में। अमेरिका को नहीं लगा था कि दबाव और युद्ध के बावजूद हम डटे रहेंगे, लेकिन हम डटे रहे और डटे रहेंगे।"
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