राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दो स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। धमकी पाने वाले स्कूलों में रोहिणी स्थित वेंकटेश्वर पब्लिक स्कूल और मयूर विहार स्थित सलवान पब्लिक स्कूल शामिल हैं। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्कूल परिसरों की जांच की जा रही है और धमकी के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
यह घटना 15 अक्टूबर को दिल्ली के कई स्कूलों को ईमेल के जरिए बम की धमकी मिलने के लगभग एक सप्ताह बाद हुई है। इससे पहले 12 अक्टूबर को भी रोहिणी के दो स्कूलों—वेंकटेश्वर ग्लोबल स्कूल और माउंट आबू पब्लिक स्कूल—को ऐसी धमकियां मिली थीं। उस समय भी तलाशी अभियान चलाया गया था, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी।
स्कूलों में सुरक्षा बढ़ाई गई
ताजा धमकियों के बाद पुलिस ने स्कूल परिसरों के आसपास गश्त बढ़ा दी है। अधिकारियों की नजर संदिग्ध ईमेल और अन्य संभावित खतरों पर है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। फिलहाल जांच एजेंसियां धमकी भरे संदेशों की सत्यता और उनके स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं।
और पढ़ें: कोलकाता एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ममता बनर्जी की दिल्ली उड़ान में भी देरी
दिल्ली में 108 सरकारी स्कूल भवन असुरक्षित घोषित
इस बीच, दिल्ली सरकार ने 108 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल भवनों को असुरक्षित और खतरनाक चिह्नित किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के पुराने सरकारी स्कूल भवनों का व्यापक संरचनात्मक ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के शुरुआती निरीक्षण में 54 भवनों की हालत बेहद जर्जर पाई गई। सरकार ने इनमें से कुछ भवनों को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आने वाले महीनों में सात स्कूल भवनों को गिराया जा सकता है।
शिक्षा विभाग सभी स्कूल भवनों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करेगा और उनकी संरचनात्मक मजबूती, अग्नि सुरक्षा तथा अन्य सुरक्षा मानकों का आकलन करेगा। पीडब्ल्यूडी सुरक्षा निरीक्षण और मरम्मत या निर्माण की लागत का मूल्यांकन करेगा। इसके अतिरिक्त, खाली सरकारी भूखंडों पर 27 नए स्थायी स्कूल भवन बनाने की योजना है। निर्माण चरणबद्ध तरीके से होगा, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
इससे पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उत्तरी दिल्ली के धीरपुर में डॉ. बी.आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय के नए परिसर के निर्माण को भी मंजूरी दी थी। इस परियोजना पर लगभग 1,668 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
और पढ़ें: दिल्ली पुलिस ने त्रिपुरा के आदिवासी युवक से नस्लीय दुर्व्यवहार के आरोप में आमिर शोकीन को पकड़ा