मध्य पूर्व में जारी युद्ध और बढ़ते आर्थिक दबाव के बीच ईरान की मुद्रा रियाल मंगलवार को एक बार फिर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई। तेहरान के खुले बाजार में एक अमेरिकी डॉलर के बदले 25 लाख से अधिक रियाल का कारोबार हुआ। यह ईरानी अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव को दर्शाता है।
रियाल इससे पहले 2 सितंबर को करीब 22 लाख रियाल प्रति डॉलर के स्तर तक गिरा था। महज 27 दिनों में मुद्रा ने एक और रिकॉर्ड निचला स्तर दर्ज किया। युद्ध, अमेरिकी प्रतिबंधों, तेल निर्यात पर दबाव और व्यापारिक बाधाओं के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत अधिक गंभीर चरण में पहुंच गई है। बातचीत का प्रमुख मुद्दा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना है। अराघची ने बताया कि कतर के मध्यस्थ अमेरिकी पक्ष के सामने ईरान के प्रस्ताव को रखेंगे और तेहरान अब वाशिंगटन के आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहा है।
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ईरान ने होर्मुज को फिर से खोलने के लिए सात दिनों की योजना पेश की है। इसके तहत युद्धविराम और प्रतिबंधों से राहत जैसी शर्तों पर चर्चा हुई है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को अस्वीकार किया है, जबकि अमेरिकी अधिकारियों ने परमाणु मुद्दे को किसी भी संभावित समझौते का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है।
इस बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिकी नागरिकों से युद्ध के खिलाफ अपनी सरकार पर दबाव बनाने की अपील की है। वहीं, अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि आर्थिक प्रतिबंध और सैन्य दबाव ईरान की युद्ध जारी रखने की क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बावजूद तनाव बना हुआ है।
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