पश्चिम बंगाल में स्कूली छात्रों को मोबाइल फोन खरीदने के लिए दी जाने वाली 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता योजना में बदलाव की तैयारी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने संकेत दिया है कि सरकार इस सहायता को बंद कर छात्रों को पढ़ाई के लिए उपयोगी टैबलेट उपलब्ध कराने के विकल्प पर विचार कर रही है।
शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को हावड़ा के ब्यान्त्रा स्थित एक स्कूल में ‘सारथी’ साइकिल योजना की शुरुआत के दौरान छात्रों के मोबाइल इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्कूल जाने वाले बच्चों में मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल का असर उनकी पढ़ाई पर पड़ सकता है। सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से देख रही है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछली सरकार की योजना के तहत कक्षा 11 और 12 के छात्रों को डिजिटल उपकरण खरीदने के लिए 10 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाती थी। यह योजना 2022 में शुरू की गई थी। अधिकारी ने कहा कि उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस व्यवस्था पर दोबारा विचार करने को कहा है।
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उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की शिक्षा के लिए आधुनिक सुविधाओं पर अधिक धन खर्च करने को तैयार है, लेकिन मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की नीति पर पुनर्विचार किया जा रहा है। पढ़ाई के लिए नियंत्रित और उपयोगी डिजिटल साधन के तौर पर टैबलेट देने का विकल्प सामने रखा गया है।
शुभेंदु अधिकारी इससे पहले शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में भी स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर नियंत्रण की बात कह चुके हैं। उन्होंने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा था कि वहां कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों के स्कूलों में मोबाइल फोन लाने पर प्रतिबंध है।
इसी बीच, राज्य सरकार ने मंगलवार को ‘सारथी’ साइकिल योजना भी शुरू की। यह पिछली सरकार की ‘सबुज साथी’ योजना का नया रूप है। इसके तहत वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 12.59 लाख छात्रों को साइकिल देने की योजना है। अब साइकिल कक्षा 8 के छात्रों को भी दी जाएगी।
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