मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच टकराव और तेज हो गया है। ईरान ने अमेरिका से “एकतरफा रवैया” छोड़ने की मांग की है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को “पूरी तरह अस्वीकार्य” करार दिया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान ने अमेरिका के सामने केवल अपने “वैध अधिकारों” की मांग रखी है। इनमें युद्ध समाप्त करना, प्रतिबंध हटाना, ईरानी संपत्तियों को मुक्त करना और समुद्री नाकेबंदी खत्म करना शामिल है।
बघाई ने कहा, “हमारा प्रस्ताव ईरान के राष्ट्रीय हितों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र और दुनिया की स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। अमेरिका अब भी अव्यावहारिक मांगों पर अड़ा हुआ है।”
और पढ़ें: ट्रंप टाइम पर चलता है व्हाइट हाउस: डोनाल्ड ट्रंप की देर रात काम करने की आदत का खुलासा
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान किसी पर दबाव बनाने वाला देश नहीं है, बल्कि “दादागिरी का विरोध” करता है। बघाई ने अमेरिका पर क्यूबा और वेनेजुएला जैसे देशों के खिलाफ आक्रामक नीतियां अपनाने का आरोप लगाया।
ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय सुरक्षा का फैसला क्षेत्रीय देशों को ही करना चाहिए और बाहरी हस्तक्षेप, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में, स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के जवाब को खारिज करते हुए कहा, “मैंने ईरान के प्रतिनिधियों का जवाब पढ़ा। मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आया। यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।”
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए अमेरिका को अपना आधिकारिक जवाब भेजा था। इसमें युद्धविराम, प्रतिबंध हटाने और भविष्य में हमले न होने की गारंटी जैसी मांगें शामिल थीं।
और पढ़ें: ईरान को ट्रंप की कड़ी चेतावनी: समझौता न हुआ तो और तेज होगी बमबारी