इज़राइल में राजनीतिक रुझानों को लेकर सामने आई एक जानकारी के अनुसार, देश में पहली बार मतदान करने की उम्र में पहुंचे लगभग तीन-चौथाई यहूदी युवाओं ने खुद को दक्षिणपंथी या मध्य-दक्षिणपंथी विचारधारा का समर्थक बताया है। यह आंकड़ा समग्र इज़राइली समाज में दक्षिणपंथी झुकाव रखने वालों के अनुपात से काफी अधिक है, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि इज़राइल की युवा पीढ़ी में दक्षिणपंथी राजनीतिक सोच पहले से अधिक मज़बूत होती जा रही है।
इस जानकारी को "जेनरेशन राइट" यानी "दक्षिणपंथी पीढ़ी" के रूप में वर्णित किया गया है, जो इस बात को रेखांकित करता है कि इज़राइल में नई पीढ़ी के मतदाता अपने पूर्ववर्ती पीढ़ियों की तुलना में राजनीतिक दृष्टि से अधिक दक्षिणपंथी झुकाव रखते हैं। यह प्रवृत्ति विशेष रूप से यहूदी समुदाय के युवाओं में देखी गई है, जो पहली बार चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेने जा रहे हैं।
यह रुझान इज़राइल की राजनीतिक दिशा को समझने के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार मतदान करने वाले युवा आने वाले वर्षों में देश की राजनीतिक संरचना को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। विश्लेषकों के अनुसार, यदि युवाओं में दक्षिणपंथी विचारधारा के प्रति यह झुकाव आगे भी बना रहता है, तो इसका सीधा असर इज़राइल में भविष्य में होने वाले चुनावी नतीजों और सरकार की नीतिगत दिशा पर पड़ सकता है।
और पढ़ें: अमित शाह ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की बैठक, कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा की समीक्षा
हालांकि उपलब्ध जानकारी में इस सर्वेक्षण या अध्ययन को करने वाली संस्था, इसमें शामिल युवाओं की सटीक संख्या, तथा इसे किस अवधि में किया गया, इसका विस्तृत उल्लेख नहीं है। लेकिन यह स्पष्ट है कि यह निष्कर्ष इज़राइली समाज के भीतर पीढ़ीगत राजनीतिक बदलाव को रेखांकित करता है, जहां युवा वर्ग समग्र जनसंख्या की तुलना में अधिक दक्षिणपंथी रुख अपनाता दिख रहा है।
इज़राइल में पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक ध्रुवीकरण और दक्षिणपंथी दलों के प्रति समर्थन में वृद्धि की चर्चा होती रही है। ऐसे में पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के बीच दक्षिणपंथी विचारधारा के प्रति यह मज़बूत झुकाव इस व्यापक प्रवृत्ति की पुष्टि करता प्रतीत होता है। यह आंकड़ा इज़राइल के राजनीतिक विश्लेषकों और दलों दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, क्योंकि युवा मतदाता आने वाले चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं के बीच इस तरह के राजनीतिक झुकाव को समझना इज़राइल के भविष्य की राजनीतिक दिशा का आकलन करने के लिए आवश्यक है, विशेष रूप से उस स्थिति में जब यह पीढ़ी आने वाले दशकों में देश की राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभाएगी।
और पढ़ें: नेहा बोरा ने शांति बांड पर हस्ताक्षर करने से किया इनकार, पूछा- मुझसे किसकी शांति बनाए रखने को कहा जा रहा है?