प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा नीट (यूजी) परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गालियों से कभी किसी समस्या का समाधान नहीं निकलता। उन्होंने समाज से अपील की कि भटके हुए लोगों को दंडित करने के बजाय उन्हें सही रास्ता दिखाया जाए और देशहित में सभी मिलकर आगे बढ़ें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें ही नहीं बल्कि उनकी दिवंगत मां के लिए भी अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि युवा उम्र में लोग अक्सर गलतियां कर बैठते हैं और उन्हें अपनी भूल सुधारने का अवसर मिलना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा, "उन्हें सजा देना, अदालतों के चक्कर लगवाना या समाज में परेशान करना किसी समस्या का समाधान नहीं है। मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं और समाज को भी उन्हें अपनाना चाहिए।"
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उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा, "कई बार हमारी जीभ दांतों के बीच आकर कट जाती है, लेकिन हम अपने दांत नहीं तोड़ते क्योंकि दोनों हमारे ही शरीर का हिस्सा हैं। उसी तरह ये बच्चे भी हमारे अपने हैं और उन्हें सही दिशा दिखाना हमारी जिम्मेदारी है।"
उन्होंने कहा कि देश लगातार प्रगति कर रहा है और युवाओं का उज्ज्वल भविष्य ही उनका सबसे बड़ा सपना है। उन्होंने युवाओं से अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री की यह प्रतिक्रिया उस वायरल वीडियो के बाद आई, जिसमें नोएडा के सेक्टर-168 की निवासी रुचिका सिंह उनके खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करती दिखाई दी थीं। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की। मामला एक्सप्रेसवे थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 (शांति भंग करने के उद्देश्य से जानबूझकर अपमान), धारा 353(1) (लोक अशांति फैलाने वाले बयान) और धारा 356(1) (मानहानि) के तहत दर्ज किया गया है। अब दिल्ली पुलिस जीरो एफआईआर की सामग्री की जांच करेगी।
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