लीबिया के अभियोजकों ने बुधवार (4 फरवरी 2026) को पूर्व शासक मुअम्मर गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की हत्या की जांच शुरू कर दी है। सैफ अल-इस्लाम की उत्तर-पश्चिमी शहर जिंटन में गोली मारकर हत्या कर दी गई। अभियोजन कार्यालय ने बताया कि फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को घटनास्थल पर भेजा गया है और संदिग्धों की पहचान के प्रयास जारी हैं।
अभियोजन कार्यालय के बयान के अनुसार, “पीड़ित की मौत गोली लगने से हुई है।” जांच एजेंसियां गवाहों और उन लोगों से पूछताछ कर रही हैं जो इस घटना पर प्रकाश डाल सकते हैं। सैफ अल-इस्लाम के वकील मार्सेल सेकाल्डी ने बताया कि मंगलवार को चार लोगों के एक अज्ञात कमांडो ने उनके घर में घुसकर उन्हें गोली मार दी।
संयुक्त राष्ट्र समर्थित राष्ट्रपति परिषद के प्रमुख मोहम्मद अल-मेन्फी ने राजनीतिक दलों, मीडिया और समाज के अन्य वर्गों से संयम बरतने और नफरत भड़काने से बचने की अपील की है। उन्होंने सभी राजनीतिक ताकतों से आधिकारिक जांच के नतीजों का इंतजार करने को कहा और सैफ अल-इस्लाम को “राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार” बताया।
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53 वर्षीय सैफ अल-इस्लाम को कई लोग अपने पिता का उत्तराधिकारी मानते थे। अल-मेन्फी ने चेतावनी दी कि तनाव बढ़ने से राष्ट्रीय मेल-मिलाप और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराने के प्रयास कमजोर पड़ सकते हैं।
2011 में नाटो समर्थित विद्रोह के बाद मुअम्मर गद्दाफी के पतन के बाद से लीबिया लगातार अस्थिरता और विभाजन से जूझ रहा है। देश अभी भी संयुक्त राष्ट्र समर्थित त्रिपोली सरकार और पूर्वी प्रशासन के बीच बंटा हुआ है, जिसे खलीफा हफ्तार का समर्थन प्राप्त है।
सैफ अल-इस्लाम को 2011 में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के वारंट के बाद गिरफ्तार किया गया था और 2015 में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन बाद में आम माफी मिल गई। 2021 में उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की घोषणा की थी, जो बाद में टल गए। उपराष्ट्रपति मूसा अल-कूनी ने राजनीतिक हत्याओं की निंदा करते हुए हिंसा के खिलाफ आवाज उठाई है।
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