पेरिस के मशहूर लूवर संग्रहालय से चोरी हुए क्राउन ज्वेल्स (राजमुकुट रत्नों) की जांच में पांच और लोगों को गिरफ्तार किया गया है, हालांकि अब तक चोरी किए गए खजाने बरामद नहीं हो पाए हैं। पेरिस की अभियोजक लॉर बेकुआ ने गुरुवार (30 अक्टूबर 2025) को इसकी पुष्टि की।
उन्होंने बताया कि ये गिरफ्तारियां 29 अक्टूबर की रात पेरिस और उसके आसपास के क्षेत्रों, जिनमें साइन-सेंट-डेनिस भी शामिल है, में की गईं। अभी तक संदिग्धों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
एक व्यक्ति पर 19 अक्टूबर को दिनदहाड़े लूवर के अपोलो गैलरी में हुई चोरी में शामिल चार-सदस्यीय गिरोह का हिस्सा होने का शक है। गिरोह के दो अन्य सदस्यों को 26 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था और उन पर संगठित गिरोह द्वारा की गई चोरी और आपराधिक साजिश के आरोप लगे हैं। दोनों ने आंशिक रूप से अपराध स्वीकार किया है।
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बेकुआ ने बताया, “पिछली रात और उसके बाद की गई तलाशी के दौरान चोरी किए गए रत्न नहीं मिले।”
जानकारी के अनुसार, चोरों ने सिर्फ आठ मिनट में यह साहसिक चोरी की थी। उन्होंने खिड़की तोड़ी, कांच के केस को पावर टूल्स से काटा और फ्रांसीसी राजमुकुट के आठ रत्नों के साथ फरार हो गए। इन रत्नों की कीमत लगभग 88 मिलियन यूरो (102 मिलियन डॉलर) आंकी गई है।
गिरफ्तार आरोपियों में एक 34 वर्षीय अल्जीरियाई नागरिक है, जो 2010 से फ्रांस में रह रहा था। उसे शार्ल द गॉल एयरपोर्ट से तब पकड़ा गया जब वह बिना वापसी टिकट के अल्जीरिया जाने की कोशिश कर रहा था। उसका डीएनए चोरी में इस्तेमाल किए गए एक स्कूटर पर मिला।
दूसरा आरोपी 39 वर्षीय व्यक्ति है, जिसका डीएनए चोरी किए गए कांच के केस और छोड़े गए सामान पर मिला है। वह पहले से ही चोरी के कई मामलों में पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज था।
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