नेपाल में भारी बारिश और भूस्खलन के बीच पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा कुछ ही सेकंड में ढहकर काली गंडकी नदी में समा गया। घटना का भयावह वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में लोग चीखते हुए अपनी जान बचाने के लिए भागते दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों की आवाज में “घर गई सक्यो” सुनाई देता है, जिसका अर्थ है कि घर पूरी तरह खत्म हो गया।
रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल के कई जिलों में लगातार भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कम से कम 24 लोगों की मौत हुई है, जबकि 14 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
इस बीच, नेपाल के मनांग जिले के नार फू क्षेत्र में हिमलुंग हिमाल चोटी के आधार शिविर में हिमस्खलन के बाद चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को आठ लोग अब भी लापता थे। 7,126 मीटर ऊंची हिमलुंग हिमाल चोटी के बेस कैंप में रविवार को हिमस्खलन हुआ था। इससे वहां मौजूद तंबू बर्फ में दब गए। इन तंबुओं में पर्वतारोहियों की सहायता करने वाले कर्मचारी और पर्वतीय गाइड ठहरे हुए थे।
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अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के बाद कुल 22 नेपाली नागरिक लापता बताए गए, जिनमें से 10 लोगों से बचाव दल ने संपर्क स्थापित कर लिया है। अब तक बरामद चार शवों की पहचान छेबी भोटे, पासांग भोटे, बीरेंद्र गुरूंग और घनश्याम राय के रूप में हुई है। सोमवार सुबह प्रभु हेलीकॉप्टर के जरिए बचाव दल को बेस कैंप पहुंचाया गया।
लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग ने कई प्रांतों में भारी से बहुत भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी दी है।
रोशी नदी के उफान से बीपी हाईवे प्रभावित हुआ है। चाउकीडांडा और घुमौने में अस्थायी सड़क मार्ग बह गए। पृथ्वी हाईवे पर धादिंग में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। वहीं, कांति लोकपथ भी ललितपुर क्षेत्र में भूस्खलन के कारण बाधित है।
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