उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं। राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) की राष्ट्रीय प्रवक्ता निशा चौधरी ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य एनडीए को लगातार तीसरी बार सत्ता में लाने और दो-तिहाई बहुमत सुनिश्चित करने में योगदान देना है। हालांकि, उन्होंने सीटों की संख्या को लेकर कोई मांग तय नहीं की है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में 403 सीटें हैं और राज्य लोकसभा की 80 सीटों के कारण राष्ट्रीय राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 2027 के चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं। चुनाव फरवरी 2027 में होने की संभावना बताई जा रही है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट मतदाताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता है। आरएलडी की जड़ें इसी क्षेत्र में हैं और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी पार्टी के प्रमुख चेहरे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में आरएलडी ने 33 सीटों पर चुनाव लड़ा था और आठ सीटें जीती थीं।
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निशा चौधरी ने कहा कि सीट बंटवारे पर सहयोगी दलों के बीच बातचीत के दौरान जिम्मेदारियां तय की जाएंगी और सभी दलों को सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरएलडी की प्राथमिकता सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में एनडीए के प्रदर्शन को बेहतर करने की दिशा में काम करना है।
अखिलेश यादव की ओर से जयंत चौधरी पर की गई ‘चवन्नी’ टिप्पणी को लेकर निशा चौधरी ने कहा कि व्यक्तिगत हमलों का जवाब जनता चुनाव में देगी। उन्होंने कहा कि आरएलडी जाति और धर्म आधारित राजनीति के बजाय सामाजिक सद्भाव और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की बात करती है।
पार्टी का मुख्य फोकस किसान, युवा और महिलाओं पर है। निशा चौधरी ने कृषि में तकनीक, एआई और ड्रोन के इस्तेमाल, गांवों की कनेक्टिविटी और गन्ने से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। उनका कहना है कि गन्ने से खांडसारी, गुड़ और चीनी जैसे उत्पादों की प्रोसेसिंग बढ़ाकर किसानों की आय और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं।
उन्होंने दावा किया कि 2017 से अब तक करीब 3.22 लाख करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान किया गया है और लगभग 95 प्रतिशत भुगतान पूरा हो चुका है। जयंत चौधरी के सांसद निधि से खेल सुविधाओं के विकास का भी उन्होंने उल्लेख किया।
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