नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ के बाद बिहार में गंडक नदी को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है। आशंका है कि गंडक के जलस्तर में अचानक तेज वृद्धि हो सकती है और कई जिलों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। अधिकारियों के अनुसार, नदी में करीब तीन मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका है।
स्थिति को देखते हुए बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। अधिकारियों को बचाव और राहत की सभी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अमित शाह ने सम्राट चौधरी से की बात
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बात कर स्थिति और राज्य की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने संभावित संकट से निपटने के लिए केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों को भी तैयार किया जा रहा है।
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इन जिलों में विशेष सतर्कता
पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सीतामढ़ी, शिवहर समेत अन्य संवेदनशील जिलों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। प्रशासन नदी के जलस्तर, तटबंध, निचले इलाकों, पुल और पुलियों की लगातार निगरानी कर रहा है।
गोपालगंज में एक एनडीआरएफ टीम भेजने का निर्देश दिया गया है, जबकि मुजफ्फरपुर में दूसरी टीम को तैयार रखा जाएगा। बेतिया में भी एनडीआरएफ टीम तैनात की जा रही है। एसएसबी ने जरूरत पड़ने पर त्वरित प्रतिक्रिया दल उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
नाव और राहत शिविर तैयार
संभावित प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए निकासी योजना तैयार करने, पर्याप्त नावों की व्यवस्था करने और सामुदायिक रसोई व राहत शिविर तैयार रखने को कहा गया है। सरकार ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
जल संसाधन विभाग को गंडक बैराज के सभी फाटकों के संचालन और नहरों में पानी के प्रवाह की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। तटबंधों और जल संरचनाओं की लगातार निगरानी कर किसी भी खतरे की समय रहते पहचान करने को कहा गया है।
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