मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की कड़ी आलोचना करते हुए उसे “आतंकी शासन” करार दिया। उन्होंने कहा कि तेहरान नागरिकों को निशाना बना रहा है, जबकि इज़राइल अपने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किए हुए है।
नेतन्याहू ने कहा, “तेहरान का आतंकी शासन नागरिकों पर गोलियां चला रहा है और हम नागरिकों की रक्षा के लिए उस आतंकी शासन पर प्रहार कर रहे हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि इज़राइल का सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ ईरान से उत्पन्न “अस्तित्वगत खतरों” के खिलाफ आत्मरक्षा की कार्रवाई है।
नेतन्याहू ने कहा कि यह अभियान न केवल इज़राइल की सुरक्षा के लिए है, बल्कि ईरानी जनता को उनके दमनकारी शासन से मुक्ति दिलाने में मदद करने के उद्देश्य से भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि वह दिन आएगा जब ईरान की जनता अपने शासन को उखाड़ फेंकेगी और उस समय इज़राइल तथा अमेरिका उनके साथ खड़े होंगे।
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प्रधानमंत्री ने इज़राइली नागरिकों से होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करने की अपील की और कहा कि इन निर्देशों ने कई लोगों की जान बचाई है। उन्होंने संघर्ष में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
उन्होंने यरुशलम के पश्चिम में स्थित बेइत शेमेश में ईरानी मिसाइल हमले के स्थल का दौरा भी किया। मलबे के बीच खड़े होकर उन्होंने कहा कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं वैश्विक शांति के लिए खतरा हैं। नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि यदि तेहरान परमाणु हथियार हासिल करता है तो यह पूरी मानवता के लिए गंभीर खतरा होगा।
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