पाकिस्तान में सड़क सुरक्षा की बदहाल स्थिति, नियामक लापरवाही और चरमराते परिवहन ढांचे को उजागर करने वाली एक दुर्घटना में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और 44 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रजनपुर ज़िले के रोझान तहसील में इंडस हाईवे पर उस समय हुआ जब एक बस सड़क डिवाइडर से टकराकर पलट गई। यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने बुधवार को बचाव अधिकारियों के हवाले से दी।
यह भयावह दुर्घटना बंगला हिदायत इलाके में स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 5:45 बजे हुई। बताया जा रहा है कि बस तेज़ रफ्तार से दौड़ रही थी, तभी वह हाईवे की बैरियर से टकराई और पलट गई। रेस्क्यू 1122 के अनुसार मृतकों में सात पुरुष, दो महिलाएं और एक छोटी बच्ची शामिल हैं। यह जानकारी प्रमुख पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट में दी गई है।
स्थानीय स्वास्थ्य और आपातकालीन प्रतिक्रिया ढांचे की गंभीर खामियों को उजागर करते हुए, 38 से अधिक घायल यात्रियों को रजनपुर ज़िला मुख्यालय (डीएचक्यू) अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पहले से ही मरीजों का भारी दबाव था। इसके अलावा चार गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को डेरा गाजी खान और दो अन्य गंभीर रूप से घायल मरीजों को रहीम यार खान स्थित शेख जायद अस्पताल भेजा गया।
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स्थानीय बचाव अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने "तुरंत प्रतिक्रिया" दी और मौके पर 10 एंबुलेंस तथा दो विशेष बचाव दल भेजे गए। एजेंसी ने बताया कि इस आपातकालीन अभियान में कुल 35 कर्मी शामिल रहे।
यह घातक हादसा पाकिस्तान में बेलगाम लापरवाही, वाहनों के खराब रखरखाव और व्यापक प्रशासनिक विफलताओं से जुड़ी दुर्घटनाओं के बार-बार दोहराए जाने वाले पैटर्न को उजागर करता है, जिस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। गौरतलब है कि इसी साल अगस्त में पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में कोहलू-डेरा गाजी खान हाईवे पर एक शादी समारोह में जा रही बस पलटने से दो लोगों की मौत हो गई थी और 42 अन्य घायल हुए थे। कानून प्रवर्तन अधिकारियों के अनुसार यह बस राखनी से कोहलू की ओर जा रही थी, तभी यह हादसा हुआ।
एक पुलिस प्रतिनिधि ने डॉन को बताया था कि बस में अत्यधिक भीड़ होने के कारण वह पलट गई थी, जो स्थानीय परिवहन संचालकों द्वारा यात्री सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी और ढीली नियामक निगरानी को दर्शाता है। उस हादसे के बाद पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे थे और घायलों को कोहलू के एक चिकित्सा केंद्र पहुंचाया था, जहां समुचित तत्काल चिकित्सा सुविधा के अभाव में एक महिला और एक बच्चे की मौत हो गई थी।
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