अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) एलन मस्क के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट ग्रोक (Grok) को अपने नेटवर्क में शामिल करने जा रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोमवार को कहा कि ग्रोक, गूगल के जनरेटिव AI इंजन के साथ मिलकर पेंटागन के नेटवर्क के भीतर काम करेगा। यह कदम सेना के अधिकतम डेटा को उभरती AI तकनीक में शामिल करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।
दक्षिण टेक्सास में एलन मस्क की अंतरिक्ष उड़ान कंपनी स्पेसएक्स में दिए गए भाषण में हेगसेथ ने कहा, “बहुत जल्द हमारे विभाग के हर वर्गीकृत और गैर-वर्गीकृत नेटवर्क पर दुनिया के अग्रणी AI मॉडल मौजूद होंगे।” उन्होंने बताया कि ग्रोक इस महीने के अंत तक रक्षा विभाग के भीतर सक्रिय हो जाएगा।
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब ग्रोक को लेकर वैश्विक स्तर पर विवाद खड़ा हो गया है। मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X में शामिल ग्रोक पर लोगों की सहमति के बिना अत्यधिक यौन रूप से आपत्तिजनक डीपफेक तस्वीरें बनाने के आरोप लगे हैं। मलेशिया और इंडोनेशिया ने ग्रोक पर प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि ब्रिटेन की ऑनलाइन सुरक्षा निगरानी संस्था ने इसकी जांच शुरू की है।
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हेगसेथ ने कहा कि सेना की आईटी प्रणालियों और खुफिया डेटाबेस से “उपयुक्त डेटा” AI प्रणालियों को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि AI की गुणवत्ता उस डेटा पर निर्भर करती है जो उसे दिया जाता है।
AI को अपनाने को लेकर हेगसेथ का रुख बाइडेन प्रशासन से अलग माना जा रहा है, जिसने 2024 में AI उपयोग के लिए एक ढांचा तैयार किया था और कुछ संवेदनशील उपयोगों पर रोक लगाई थी। यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप प्रशासन के तहत वे प्रतिबंध अभी भी लागू हैं या नहीं।
हेगसेथ ने कहा कि पेंटागन का AI “वैचारिक बाधाओं” से मुक्त होगा और “वोक” नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि ग्रोक पहले भी यहूदी-विरोधी टिप्पणियों और विवादित पोस्ट को लेकर आलोचना झेल चुका है। पेंटागन ने फिलहाल इन मुद्दों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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